
उत्तराखण्ड एसटीएफ और रुद्रपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बड़ी वारदात को होने से पहले ही टाल दिया। पुलिस ने गैंगवार की साजिश रच रहे एक शूटर को तीन लोडेड अवैध तमंचों और 11 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त दूसरे पक्ष की हत्या की फिराक में घूम रहा था, लेकिन एसटीएफ की सक्रियता और सटीक सूचना के आधार पर उसे समय रहते दबोच लिया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान संदीप चौहान उर्फ सनिया (26 वर्ष) पुत्र तेजपाल चौहान निवासी मलिक फार्म, डिबडिबा थाना बिलासपुर जनपद रामपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। उसे रुद्रपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 03 अवैध तमंचे .315 बोर और 11 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ द्वारा राज्य में सक्रिय गैंग, गैंगस्टरों और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत एसटीएफ लगातार कुख्यात अपराधियों और जेलों में बंद गैंगस्टरों की गतिविधियों पर निगरानी रख रही है।
एसएसपी एसटीएफ के अनुसार एसटीएफ को इनपुट मिला था कि संदीप चौहान अपने गैंग के साथ दूसरे पक्ष से चल रही रंजिश के चलते किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना के आधार पर एसटीएफ टीम ने रुद्रपुर पुलिस के साथ मिलकर घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि उसके कुछ साथी मौके से फरार होने में सफल रहे, जिनकी तलाश जारी है।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ कई दिनों से विरोधी पक्ष की हत्या की योजना बना रहा था और मौका मिलते ही उन पर गोली चलाने की तैयारी में था। एसटीएफ की तत्परता और मुखबिर की सटीक सूचना के चलते एक बड़ी घटना होने से बच गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड में लूट, डकैती, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और बलवा जैसे गंभीर अपराधों के लगभग एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। वह रामपुर और ऊधमसिंह नगर में दर्ज हत्या के प्रयास (धारा 307) के मामलों में भी फरार चल रहा था।
फिलहाल पुलिस फरार साथियों की तलाश के साथ-साथ इस मामले में जुड़े अन्य आपराधिक कड़ियों की भी गहन जांच कर रही है।

