भाजपा अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए फिर सांप्रदायिक तुष्टिकरण का सहारा ले रही है: प्रीतम सिंह

भाजपा अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए फिर सांप्रदायिक तुष्टिकरण का सहारा ले रही है: प्रीतम सिंह
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देहरादून।उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, चकराता विधायक, कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष एवं सीईसी सदस्य प्रीतम सिंह ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में 16 फरवरी को प्रस्तावित राजभवन घेराव को लेकर एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक की।
बैठक में रायपुर, राजपुर, मसूरी सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने नेतृत्व को आश्वस्त किया कि अधिक से अधिक संख्या में जनता को राजभवन कूच से जोड़ा जाएगा और कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया जाएगा।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रीतम सिंह ने कहा कि 16 फरवरी का राजभवन कूच ऐतिहासिक होगा और यह राज्य की वर्तमान सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की जनता भाजपा सरकार से पूरी तरह त्रस्त है। ऐसे में मुख्य विपक्षी दल होने के नाते कांग्रेस पार्टी का दायित्व है कि वह जनता के मुद्दों पर सड़क से लेकर सदन तक सरकार से जवाबदेही तय करे।

प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि धामी सरकार हर मोर्चे पर विफल हो चुकी है। महिला अपराध बेलगाम हैं, बेरोजगार युवा सड़कों पर हैं, विभाग भ्रष्टाचार में डूबे हैं और किसान आत्महत्या को मजबूर हैं। इन ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा एक बार फिर 2022 की तरह धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है।

उन्होंने भाजपा को घेरते हुए कहा कि देशभर में सरकारों द्वारा समय-समय पर शैक्षणिक संस्थानों को भूमि आवंटन की परंपरा रही है। यदि उस समय कोई घोटाला हुआ होता, तो स्वर्गीय पंडित नारायण दत्त तिवारी के बाद 15 वर्षों तक भाजपा की सरकार रहने के बावजूद आज तक इस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा यह स्पष्ट करे कि किस सरकारी आदेश में यह लिखा है कि भूमि किसी “मुस्लिम यूनिवर्सिटी” के लिए दी गई थी।

प्रीतम सिंह ने आगे कहा कि भाजपा यह भी बताए कि जॉर्ज एवरेस्ट जैसी उत्तराखंड की अमूल्य धरोहर की अरबों रुपये की भूमि कौड़ियों के भाव किसे और क्यों दी गई। डाकपत्थर, ऊधमसिंह नगर सहित प्रदेश की बहुमूल्य भूमि किस प्रकार भू-माफियाओं के हवाले की जा रही है, यह किसी से छुपा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज राज्य में खनन माफिया, शराब माफिया और भू-माफिया सरकार चला रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार के दोहरे चरित्र का सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि 13 जनवरी 2026 को पूरे प्रदेश की दवा आपूर्ति का ठेका अंकिता भंडारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी पुलकित और अंकित आर्य के पिता विनोद आर्य की कंपनी को दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि आखिर किस सच्चाई को छिपाने के लिए एक जघन्य हत्याकांड से जुड़े परिवार को इतना महत्वपूर्ण ठेका सौंपा गया।

प्रीतम सिंह ने कहा कि जिस व्यक्ति की कंपनी पर आयुष फैक्ट्री के नाम पर दी गई सरकारी भूमि पर अवैध वंतरा रिजॉर्ट बनाने का आरोप है, और जहां अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसा अपराध हुआ, उसे ब्लैकलिस्ट करने के बजाय सरकार लगातार लाभ क्यों पहुंचा रही है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा की यह राजनीति जनता को गुमराह करने की असफल कोशिश है। उत्तराखंड की जनता अब सब समझ चुकी है—कांठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती—और 16 फरवरी को राजभवन घेराव के माध्यम से धामी सरकार की जनविरोधी नीतियों, भ्रष्टाचार और असंवेदनशीलता के खिलाफ निर्णायक आवाज बुलंद की जाएगी।

इस अवसर पर चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि वह राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों, अन्याय, अराजकता और अत्याचार के खिलाफ पूरे प्रदेश में भ्रमण कर 16 फरवरी के राजभवन कूच के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कूच राज्य गठन के बाद अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक कूच होगा, जिससे सरकार और प्रशासन की नींद उड़ चुकी है।

बैठक में संजय शर्मा, लालचंद शर्मा, गरिमा मेहरा दसौनी, डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, सूरत सिंह नेगी, सुशांत बोरा, महेंद्र नेगी, नवीन जोशी, वीरेंद्र पोखरियाल, मदनलाल, सोनिया आनंद रावत, शिवानी थपलियाल, मोहन काला, रितेश छेत्री सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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