मुख्यमंत्री धामी ने दिवाली का दिया तोहफा, राज्य कर्मियो को बोनस की सौगात
देहरादून ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवाली का तोहफा देते हुए राज्य कर्मियो को बोनस की सौगात दी है।अराजपत्रित श्रेणी के राज्य कर्मचारियों, राजकीय विभागों के कार्यप्रभारित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं व स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के कर्मचारियों तथा कैजुअल / दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को वर्ष 2021-22 के लिए उत्पादकता असंबद्ध बोनस तदर्थ बोनस स्वीकृत किया गया है।


उप सचिव, वित्त मंत्रालय, व्यय विभाग, भारत सरकार, नई दिल्ली के कार्यालय ज्ञाप संख्या-7/24/2007/ E-III (R) दिनांक 06 अक्टूबर, 2022 द्वारा केन्द्र सरकार के समूह “ग” के कर्मचारियों और समूह “ख” के सभी अराजपत्रित कर्मचारियों को वर्ष 2021-22 के लिए 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर (अधिकतम धनराशि रू0 7000/- (रु० सात हजार मात्र)) की सीमा निर्धारित करते हुए तदर्थ बोनस स्वीकृत किया गया है।
राज्य सरकार सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों और जिला पंचायत के समूह ‘ग’ एवं ‘घ’ के कर्मचारियों और समूह ‘ख’ के सभी अराजपत्रित कर्मचारियों जिनका ग्रेड वेतन रू0 4800/- (पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स में लेवल -8) तक है, जो उत्पादकता से सम्बद्ध किसी बोनस स्कीम के अन्तर्गत नहीं आते हैं।
ऐसे कैजुअल / दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी, जिन्होंने छः कार्य दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में पिछले तीन वर्ष अथवा इससे अधिक वर्ष में हर वर्ष कम से कम 240 दिन (पांच कार्य दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों के मामले में 3 या इससे अधिक वर्ष में हर वर्ष 206 दिन) कार्य किया है. इस उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) के पात्र होंगे। देय तदर्थ बोनस की राशि रू0 1200 X 30/30.4 अर्थात रू0 1184 21 (पूर्णाकित रू0 1184/-) होगी ऐसे मामलों में जहां वास्तविक परिलब्धियों रू0 1200/- से कम है, इस राशि की गणना वास्तविक मासिक परिलब्धियों के आधार पर की जाएगी। (iv) इन आदेशों के अधीन तदर्थ बोनस की धनराशि रूपये के निकटतम् पूर्णाक में भुगतान की जायेगी। (v) ऐसे कर्मचारी जिनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही अथवा किसी न्यायालय में आपराधिक वाद लम्बित हो, को तदर्थ बोनस का भुगतान ऐसी अनुशासनात्मक कार्यवाही अथवा मुकदमें का परिणाम प्राप्त होने तक स्थगित रहेगा, जो दोषमुक्त होने की दशा में ही अनुमन्य होगा। जिन कर्मचारियों को वर्ष 2021-22 में किसी विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही अथवा आपराधिक मुकदमें में दण्ड दिया गया हो, उन्हें तदर्थ बोनस देय नहीं होगा। (vi) किसी वित्तीय वर्ष के तदर्थ बोनस के सम्बन्ध में एक बार निर्णय ले लिये जाने के पश्चात आगामी वर्ष में किसी भी परिस्थिति में पुनर्विचार नहीं किया जायेगा। (vii) तदर्थ बोनस की स्वीकृति के फलस्वरूप ऐसे कार्मिकों को मानदेय केवल महत्वपूर्ण एवं विशिष्ट कार्यों के लिये ही दिया जायेगा। (viii) अवैतनिक अवकाश के मामलों को छोड़कर अन्य प्रकार के अवकाशों की अवधि को पात्रता अवधि की गणना के प्रयोजन के लिए आगणित किया जायेगा। (ix) लेखा वर्ष में किसी अवधि के लिए निलम्बित रहे कार्मिक को तदर्थ बोनस अनुमन्य नहीं होगा ऐसा कार्मिक यदि निलम्बन की अवधि के लिए परिलब्धियों के लाभ सहित बहाल होता है तो वह तदर्थ बोनस के लाभ का पात्र होगा।

