चारधाम तीर्थयात्रियों को मिलेगा मजबूत स्वास्थ्य कवच, ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल से होगी निगरानी
देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और स्वास्थ्य सुविधाओं से सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस वर्ष यात्रा पर आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्री के स्वास्थ्य की निगरानी ‘ई-स्वास्थ्य धाम’ पोर्टल के माध्यम से रियल-टाइम में की जाएगी। इसके साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए यात्रा मार्गों पर 177 एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी तथा हेली एम्बुलेंस और बोट एम्बुलेंस भी मुस्तैद रहेंगी।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि सुरक्षित और स्वस्थ चारधाम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों, मुख्य पड़ावों और चारों धामों में स्थापित स्थायी एवं अस्थायी चिकित्सा इकाइयों में अनुभवी चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की जाएगी, ताकि तीर्थयात्रियों को समय पर उपचार मिल सके।
डॉ. रावत ने बताया कि इस बार ‘ई-स्वास्थ्य धाम’ पोर्टल के जरिए तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। इससे आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना संभव होगा। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर तैनात एम्बुलेंस का रिस्पांस टाइम न्यूनतम रखने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार यात्रा मार्गों पर 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट और 33 हेल्थ स्क्रीनिंग प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच की जाएगी, विशेष रूप से उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान 108 आपातकालीन सेवा, एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस और कार्डियक एम्बुलेंस सहित कुल 177 एम्बुलेंस तैनात रहेंगी। इसके अतिरिक्त टिहरी क्षेत्र में एक बोट एम्बुलेंस और एक हेली एम्बुलेंस भी सक्रिय रहेगी, जिसका संचालन एम्स ऋषिकेश के माध्यम से किया जाएगा।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों, मेडिकल ऑफिसरों, फार्मासिस्टों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती 15 दिन के रोस्टर के आधार पर की जाएगी। इसके तहत 16 विशेषज्ञ चिकित्सक, 46 मेडिकल ऑफिसर और 85 पैरामेडिकल कर्मियों को यात्रा अवधि के दौरान तैनात किया जाएगा। साथ ही यात्रा मार्गों पर 100 स्वास्थ्य मित्र भी सेवा में लगाए जाएंगे, जो तीर्थयात्रियों को प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
राज्य सरकार का कहना है कि इन व्यवस्थाओं के माध्यम से चारधाम यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और स्वास्थ्य सुविधाओं से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

