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मुख्यमंत्री धामी ने किया कुंजापुरी मेले की स्वर्ण जयंती का शुभारंभ, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री धामी ने किया कुंजापुरी मेले की स्वर्ण जयंती का शुभारंभ, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
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नरेंद्रनगर।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नरेंद्रनगर में सिद्धपीठ श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की स्वर्ण जयंती का ध्वजारोहण कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सांस्कृतिक झांकियों का अवलोकन किया तथा विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन कर विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने शहीद स्थल पर अमर शहीदों की प्रतिमाओं और स्वतंत्रता संग्राम शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने मां कुंजापुरी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना भी की।

मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्र और मेले की स्वर्ण जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्र के प्रथम दिन इस ऐतिहासिक मेले का शुभारंभ होना सुखद संयोग है। उन्होंने कहा कि श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेला लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने के साथ स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने मेले के संस्थापक सुरेंद्र सिंह पांगती और आयोजन समिति के योगदान की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन हो रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और केदारनाथ-बदरीनाथ धाम में हुए विकास कार्य इसके उदाहरण हैं। राज्य सरकार भी केदारखंड और मानसखंड के प्रमुख मंदिरों में सुविधाओं का विस्तार कर रही है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिल रही है।

उन्होंने कहा कि पलायन रोकना और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। ‘एक जनपद-दो उत्पाद’ और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसी पहलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाया जा रहा है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड की बिक्री छह करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। इसके साथ ही राज्य मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, होमस्टे, पर्यटन एवं फिल्म नीति और ‘वेड इन उत्तराखंड’ जैसी योजनाओं से स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक मूल्यों का संरक्षण सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने समान नागरिक संहिता, सशक्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून और नकल विरोधी कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। उन्होंने ऑपरेशन कालनेमि और अवैध मदरसों के विरुद्ध कार्रवाई का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं।

टिहरी जनपद के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड और पर्यटन मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। झील क्षेत्र में जलक्रीड़ा, साहसिक पर्यटन और होमस्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने नरेंद्रनगर में राजकीय पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, केंद्रीय विद्यालय, विधि महाविद्यालय, सभागार निर्माण, गजा अस्पताल के उच्चीकरण और लगभग 50 करोड़ रुपये की सीवर लाइन परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

मेले के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न विषयों पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक झांकियां प्रस्तुत की गईं। इनमें छोलिया नृत्य, गाडू घड़ा यानी तेल कलश की परंपरा, महिषासुर मर्दिनी, प्रह्लाद की भक्ति पर आधारित नरसिंह अवतार, मां कुंजापुरी, भारत की गौरवशाली बेटियां तथा बदलता और बढ़ता नरेंद्रनगर जैसे विषय शामिल रहे। विद्यार्थियों और सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मेले की स्वर्ण जयंती पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन लोक संस्कृति के संरक्षण के साथ खेल, पर्यटन और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करता है। उन्होंने राजकीय पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, विधि महाविद्यालय के लिए बजट एवं पदों के सृजन और सीवर लाइन सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मेले के संस्थापक सुरेंद्र सिंह पांगती ने अपने अनुभव साझा किए। नगर पालिका परिषद नरेंद्रनगर के अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम पंवार ने भी शुभकामनाएं दीं।

11 से 19 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस राज्यस्तरीय मेले में खेलकूद, विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। कार्यक्रमों में पद्मश्री डॉ. बसंती बिष्ट, नरेंद्र सिंह नेगी, मीना राणा, संगीता ढौंडियाल, किशन महिपाल और पांडवाज बैंड सहित विभिन्न कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। मेले का समापन पद्मश्री जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण के जागर गायन के साथ होगा।

कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर दीक्षा राणा, नगर पंचायत अध्यक्ष तपोवन विनीता बिष्ट, ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान, नगर पंचायत अध्यक्ष गजा कुंवर सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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