अखिल भारतीय किसान महासभा द्वारा मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा

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लालकुआं ।देवभूमि खबर। अखिल भारतीय किसान महासभा द्वारा उत्तराखंड के दुग्ध उत्पादकों का बकाया 23 करोड़ रुपया भुगतान करने और चार रुपया प्रोत्साहन राशि को दूध की कीमत में शामिल करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन तहसीलदार को सैकड़ों दुग्ध उत्पादकों के हस्ताक्षरों के साथ सौंपा गया।
इस दौरान जिलाध्यक्ष बहादुर सिंह जंगी ने कहा कि नैनीताल जिले में लालकुआं दुग्ध संघ प्रदेश में अव्वल दर्जे का दुग्ध संघ है। हल्द्वानी भाबर व बिन्दुखत्ता के अधिकांश लोग पशुपालन करके दुग्ध संघ की डेयरियों में दूध देते हैं। उत्तराखण्ड राज्य के कई ग्रामीण इलाकों में लाखों लोग दुग्ध उत्पादन करके अपना जीवनव्यापन करते हैं। लेकिन उत्तराखण्ड के दुग्ध उत्पादकों का हाल कांग्रेस भाजपा की सरकार  की नीतियों के कारण बदहाल है। जितनी मेहनत और पैसा पशुपालन व दुग्ध उत्पादन में लगता है उतनी कीमत दुग्ध संघ से दुग्ध उत्पादकों को नहीं मिल पाती है। प्रदेश में पिछली सरकार के समय भाजपा द्वारा इस मुद्दे पर एक प्रदर्शन भी किया था। जिसके उपरांत राज्य सरकार ने प्रति लीटर चार रूपया प्रोत्साहन राशि देने का आदेश भी किया था। परंतु न तो कांग्रेस सरकार ने मई जून 2016 से कोई प्रोत्साहन राशि दुग्ध उत्पादकों को दी और न ही अब भाजपा सरकार इस बकाया राशि को देने को तैयार है। भाजपा सरकार द्वारा कहा जा रहा है पिछली सरकार के कार्यकाल की प्रोत्साहन राशि हमारी सरकार नहीं देगी
बहादुर सिंह जंगी ने कहा कि भाजपा सरकार में दुग्ध उत्पादकों का खुला शोषण है और यह दिखाता है कि आपकी भाजपा की कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर है। पहले भाजपा ने इस मुद्दे पर आंदोलन किया लेकिन सत्ता में आने के बाद दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहन राशि देने से सीधे मुकर गयी है। इस तरह साफ है कि भाजपा कांग्रेस किसानों व दुग्ध उत्पादकों का शोषण करने वाली सरकारें ही हैं।
जिला सचिव राजेन्द्र शाह ने कहा कि दुग्ध उत्पादकों के शोषण को रोकने के लिए अखिल भारतीय किसान महासभा द्वारा नौ अक्टूबर को भी जुलूस प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया गया था। परंतु भाजपा सरकार के द्वारा कोई ठोस सकारात्मक प्रतिक्रिया इन मांगों पर नहीं की गयी है। राजेन्द्र शाह ने कहा कि उत्तराखंड के दुग्ध उत्पादकों का बकाया 23 करोड़ रुपया भुगतान किया जाए तथा चार रुपया प्रोत्साहन राशि को दूध की कीमत में शामिल किया जाए। अन्यथा किसान महासभा आंदोलन तेज करेगी। इस संबंध में गांव गांव अभियान चलाकर सैकड़ों दुग्ध उत्पादकों के हस्ताक्षर लेकर आज ज्ञापन सौंपा गया है। इस दौरान ज्ञापन देने वालों में बहादुर सिंह जंगी, राजेन्द्र शाह, कमल जोशी, पुष्कर दुबडिया, पान सिंह कोरंगा, नैन सिंह कोरंगा, कुंवर सिंह चौैहान, भाष्कर कापड़ी, कैलाश पाण्डेय, ललित मटियाली, किशन बघरी, कुंदन बिष्ट आदि थे।

देवभूमि खबर

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