नकली व घटिया दवाओं पर कसा शिकंजा: ऋषिकेश-हरिद्वार में 6 औषधि प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई, 4 जन औषधि केंद्रों के लाइसेंस निरस्त की संस्तुति

नकली व घटिया दवाओं पर कसा शिकंजा: ऋषिकेश-हरिद्वार में 6 औषधि प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई, 4 जन औषधि केंद्रों के लाइसेंस निरस्त की संस्तुति
Spread the love

देहरादून। प्रदेश सरकार नकली और सब-स्टैंडर्ड दवाओं की रोकथाम के लिए सख्त अभियान चला रही है। इसी क्रम में गुरुवार को खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की क्विक रिस्पांस टीमों ने ऋषिकेश और हरिद्वार में औचक निरीक्षण कर 9 औषधि विक्रेता फर्मों की जांच की। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों पर गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की गई।

एफडीए ने ज्वालापुर और कनखल क्षेत्र के चार जन औषधि केंद्रों एवं एक अन्य औषधि विक्रेता के क्रय-विक्रय पर रोक लगाते हुए उनके लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की है। इसके अतिरिक्त ऋषिकेश क्षेत्र के नेपाली फार्म और आसपास के क्षेत्र में दो अन्य औषधि प्रतिष्ठानों में भी अनियमितताएं पाए जाने पर उनके क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गई है। दोनों प्रतिष्ठानों को तत्काल बंद कराते हुए मौके पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

गौरतलब है कि एफडीए आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के निर्देश पर नकली व घटिया दवाओं के खिलाफ प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। क्विक रिस्पांस टीमों का गठन इसी उद्देश्य से किया गया है ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।

गुरुवार को निरीक्षण करने वाली टीम में सहायक औषधि नियंत्रक डॉ. सुधीर कुमार, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनीता भारती, औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा, विनोद जगुड़ी, हरीश सिंह, निधि रतूड़ी काला एवं मेघा शामिल रहीं। टीमों ने सभी प्रतिष्ठानों से दवाओं से संबंधित अभिलेख व स्टॉक की भी गहन जांच की।

देवभूमि खबर

Related articles