धामी सरकार महिला विरोधी, न सम्मान राशि मिली, न सुरक्षा और न न्याय : आप
देहरादून। आम आदमी पार्टी (आप) उत्तराखंड की कार्यकारी प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसौदिया ने शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्य सरकार पर महिलाओं के प्रति संवेदनहीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाओं को न आर्थिक सम्मान मिल रहा है, न सुरक्षा और न ही बेटियों को समय पर न्याय।
उमा गौड़ सिसौदिया ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार महिलाओं को प्रतिमाह सम्मान राशि प्रदान कर रही है, जबकि उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं से किए गए वादों को भाजपा सरकार सत्ता में आने के बाद भूल गई। उन्होंने राज्य सरकार से उत्तराखंड की महिलाओं के लिए भी ₹1000 प्रतिमाह महिला सम्मान राशि तत्काल लागू करने की मांग की।
महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। उनका आरोप था कि पुलिस थानों में शिकायतों पर अपेक्षित सुनवाई नहीं होती और हेल्पलाइन सेवाओं की कार्यप्रणाली भी संतोषजनक नहीं है।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि घटना के तीन वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच कराकर दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने हाल में सामने आए नीट परीक्षा पेपर लीक से जुड़े मामले का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इस घटना से प्रभावित एक छात्रा की आत्महत्या के मामले में सरकार ने पर्याप्त संवेदनशीलता नहीं दिखाई। उन्होंने पीड़ित परिवार को ₹50 लाख का मुआवजा, सरकारी नौकरी तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार से महिलाओं के लिए ₹1000 मासिक सम्मान राशि लागू करने, अंकिता भंडारी प्रकरण की सीबीआई जांच कराने, महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रत्येक जिले में कमांड सेंटर स्थापित करने तथा 112 हेल्पलाइन का रिस्पॉन्स टाइम 10 मिनट निर्धारित करने की भी मांग की।

