धामी सरकार का ‘संतुलन’ बजट: गांव, शहर, रोजगार और तकनीक पर खास फोकस

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गैरसैंण। मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को विधानसभा में जो बजट प्रस्तुत किया, उसमें राज्य के समग्र विकास के लिए ‘’ संतुलन मॉडल को आधार बनाया गया है। इस मॉडल के आठ मूल मंत्रों के माध्यम से सरकार ने विकास, आत्मनिर्भरता, नवाचार, बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुरक्षा को संतुलित ढंग से आगे बढ़ाने की रणनीति पेश की है।


सरकार ने बजट को अंग्रेजी शब्द SANTULAN के प्रत्येक अक्षर से जोड़ते हुए राज्य के विकास की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत की है। इसमें S से समावेशी विकास, A से आत्मनिर्भर उत्तराखंड, N से नई सोच, T से तीव्र विकास, U से उन्नत गांव और शहर, L से लोक सहभागिता, A से आर्थिक शक्ति और N से न्यायपूर्ण व्यवस्था को प्रमुख आधार बनाया गया है।


समावेशी विकास (S) के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए लगभग 1327.73 करोड़ रुपये, अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के लिए 600 करोड़ रुपये और सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के लिए 598.33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ईजा-बोई शगुन योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना, महिला पोषण योजना और वात्सल्य योजना जैसी कई सामाजिक योजनाओं के लिए भी बजट निर्धारित किया गया है।


आत्मनिर्भर उत्तराखंड (A) के तहत कृषि, पशुपालन, उद्यमिता और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं में बजट दिया गया है। मिशन एप्पल के लिए 42 करोड़, ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए लगभग 39.90 करोड़, उच्च मूल्य फलों के उत्पादन के लिए 30.70 करोड़, और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

नई सोच के अंतर्गत शिक्षा, डिजिटल तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। राज्य डेटा सेंटर सुदृढ़ीकरण के लिए 65 करोड़, सूचना प्रौद्योगिकी अवसंरचना के लिए लगभग 47.50 करोड़, और इमरजिंग टेक्नोलॉजी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए लगभग 11.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
तीव्र विकास के तहत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 1050 करोड़ रुपये, गड्ढा मुक्त सड़क अभियान के लिए 400 करोड़ रुपये और नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए लगभग 52.50 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

उन्नत गांव और शहर के अंतर्गत ग्रामीण विकास के लिए 1642.20 करोड़ रुपये, शहरी निकायों के लिए 1814 करोड़ रुपये और पंचायती राज संस्थाओं के लिए 1491 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

लोक सहभागिता के तहत आईटी अवसंरचना और डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने के लिए बजट दिया गया है, जबकि आर्थिक शक्ति (A) के अंतर्गत उद्योग, निवेश और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली योजनाओं पर फोकस किया गया है।

वहीं न्यायपूर्ण व्यवस्था के तहत पुलिस आवास के लिए 100 करोड़ रुपये, जेल निर्माण व भूमि क्रय के लिए 25 करोड़ रुपये, तथा फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों के लिए 3.42 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सरकार का कहना है कि ‘संतुलन’ मॉडल पर आधारित यह बजट राज्य के समावेशी और टिकाऊ विकास को नई दिशा देगा तथा हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड को तेजी से आगे बढ़ाने में सहायक होगा।

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