सभी अधिकारियों को कार्य प्रणाली में सुधार लाएं: डीएम
बागेश्वर ।देवभूमि खबर। महात्मा गॉधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अर्न्तगत जनपद के किसानों की आय दुगनी करने के लिए आज जिला कलेक्ट्रेट सभागार में पशु पालन, कृषि, मतस्य, रेशम, भेषज व उद्यान विभाग की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी रंजना राजगुरू की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी ने बैठक लेते हुए सभी अधिकारियों को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अपने कार्य प्रणाली में सुधार लाये। अन्यथा आपके विरूद्ध कार्यवाही अमल में लायी जायेगी, यह बात जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक लेते हुए अधिकारियों से कही। उन्हेांने कहा कि जिस विभाग के द्वारा वर्ष 2017-18 हेतु जो कार्य चयनित किये गये है उन कार्यों को लगन व रूचि के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें। किसी प्रकार की लापरवाही पर क्षमा नहीं किया जायेगा। बैठक में सर्वप्रथम कृषि विभाग की समीक्षा की गयी, कृषि विभाग द्वारा जनपद में कराये जा रहे कार्यो की जानकारी ली। तथा किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिले इस तरह की योजनाओं का चयनित कर कार्य करना सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्य कृषि अधिकारी को दिये। उन्होंने कहा कि किसानों को बीज वितरण, दलहन, अरहर तथा मसूर की खेती, व सिंचाई की सुविधा, बनाये जा रहे चौकडैम को समय सीमा के अन्तर्गत पूर्ण करने के निर्देश दिये। यदि विभाग में जे.ई. कार्यरत नहीं है तो विकास खण्डों में कार्यरत मनरेगा जे.ई. से स्टेटमैन्ट बनाकर 07 दिनों के अन्दर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उद्यान विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उद्यान अधिकारी को चयनित किये गये कार्यो को रूचि रखकर समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिये। पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि जनपद के पशुपालकों को समय से सम्बन्धित सुविधा उपलब्ध कराये तथा मुर्गी पालन, भेड़ पालन, बकरी पालन कर रहे पशुपालकों के साथ समय-समय पर जानकारी भी प्राप्त करें, तथा बनाये जा रहे मुर्गी बाडों को भी समय सीमा के अन्तर्गत पूर्ण करेने के निर्देश दिये। भेषज विभाग की समीक्षा के दौरान नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि विभाग द्वारा चयनित किये गये विकास कार्यांे में लापरवाही बरती जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिये कि भेषज संघ के अधिकारी को विकास भवन में इनका कार्यालय स्थापित कर बायोमैट्रिक मशीन में उपस्थिति दर्ज करवाने के निर्देश दिये, तथा कार्यशैली को सुधारने को भी कहा गया। यदि भविष्य में कार्य प्रणाली में सुधार नहीं किया गया तो नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। उन्होंने बैठक में सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि फील्ड स्तर के अधिकारी अपने क्षेत्र में बने रहे बारबार शिकायत आती है कि फील्ड स्तर के कर्मचारी क्षेत्र में नहीं रहते है, यह बात ठीक नहीं हैं उन्हें जो भी कार्य दिये गये है वे कार्य निर्धारित समय के अनुसार पूर्ण करें। कहीं से भी कोई शिकायत न आये, शिकायत आने पर गम्भीरता से लिया जायेगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी के.एन.तिवारी, मुख्य कृषि अधिकारी बी.पी.मौर्या, जिला उद्यान तेजपाल सिंह, पशुपालन अधिकारी डॉ उदय शंकर, खण्ड विकास अधिकारी कपकोट विपिन चन्द्र पन्त आदि मौजूद थे।
