विकासनगर व सहसपुर की दो बड़ी चोरियों का खुलासा, गिरोह के सरगना समेत तीन गिरफ्तार
देहरादून। दून पुलिस ने नकबजनी की दो अलग-अलग घटनाओं का खुलासा करते हुए एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सरगना सहित तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तों के कब्जे से करीब 08 लाख रुपये मूल्य की चोरी गई ज्वैलरी, प्रतिमाएं, नगदी व अन्य सामान बरामद हुआ है।
पुलिस के अनुसार अभियुक्त बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। घटना से पहले वे चिन्हित घरों की रेकी करते थे और आने-जाने वाले रास्तों की पूरी जानकारी जुटाते थे। पकड़े जाने के डर से चोरी का माल वे झांसी ले जाकर बेचते थे।
दिनांक 24 जून 2025 को शिवा कॉलोनी, पांवटा रोड, हरबर्टपुर निवासी श्री हिमांशु नेगी ने कोतवाली विकासनगर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वे अपने परिवार सहित पैतृक गांव अल्मोड़ा गए हुए थे। लौटने पर पाया कि उनके घर का सामान बिखरा हुआ था और ज्वैलरी व नगदी चोरी हो चुकी थी। इस पर थाना विकासनगर में मुकदमा संख्या 187/2025, धारा 305(ए) भादंसं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस टीम गठित कर सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध गतिविधियों और पुराने अपराधियों की जानकारी जुटाई गई।
दिनांक 30 जून/1 जुलाई 2025 की रात्रि झाडूवाला चौक के पास बगीचे में तीन संदिग्ध व्यक्तियों को पुलिस ने पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम स्वतंत्र शर्मा, अमित कुशवाह और आकाश विश्वकर्मा बताए। सभी झांसी (उ.प्र.) के मूल निवासी हैं और वर्तमान में हरबर्टपुर में किराए पर रह रहे थे।
तीनों ने विकासनगर और सहसपुर (धर्मावाला) की चोरी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया और बताया कि चोरी का सामान उनके कमरे में छिपाया गया है। पुलिस ने निशानदेही पर ज्वैलरी, नगदी और अन्य सामान बरामद किया।
मुख्य अभियुक्त स्वतंत्र शर्मा ने बताया कि वह करीब दो वर्ष पहले नेटवर्किंग बिजनेस के लिए झांसी से हरबर्टपुर आया था। इनकम न होने पर उसने नेटवर्किंग छोड़ दी और चोरी की राह पर चल पड़ा। उसने झांसी से अपने साथी आकाश और अमित को बुलाकर गैंग बना लिया।
तीनों दिन में बंद घरों की रेकी करते थे और रात में गैती व सब्बल से ताले तोड़कर चोरी करते थे। चोरी का सामान कमरे में रखते थे और मौका देखकर झांसी ले जाकर बेचते थे।
इस नकबजन गिरोह की गिरफ्तारी में हरबर्टपुर चौकी प्रभारी उप-निरीक्षक (उ0नि0) सनोज कुमार के नेतृत्व में कांस्टेबल बृजपाल, संजय कुमार, अनिल सालार एवं चमन चौहान की टीम ने सराहनीय कार्य करते हुए त्वरित कार्रवाई की।
