विकासखण्ड मोरी क्षेत्र में हुई भीषण ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान के बदले समुचित राहत राशि प्रदान की जाय: माहरा

विकासखण्ड मोरी क्षेत्र में हुई भीषण ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान के बदले समुचित राहत राशि प्रदान की जाय: माहरा
Spread the love

देहरादून ।उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री करन माहरा ने उत्तरकाशी जनपद के विकासखण्ड मोरी क्षेत्र में हुई भीषण ओलावृष्टि से फल उत्पादक किसानों को हुए नुकसान पर गहरी चिंता प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह  धामी से किसानों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिये जाने की मांग की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लिखे पत्र में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री करन माहरा ने कहा है कि उत्तरकाशी जनपद के मोरी विकासखण्ड में सेव उत्पादक बंगान घाटी के किरानू, दुचानू एवं अन्य गांवों में विगत दिनों हुई भीषण ओला वृष्टि से सेब, फल, सब्जी उत्पादक किसानों की फसलों को भारी क्षति हुई है। बेमौसमी बारिस एवं भारी ओलावृष्टि से सेब, आडू, खुमानी के बागान पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं तथा अन्य फल, सब्जी एवं गेहूं की फसलों को भी क्षति हुई है। जिन किसानों की आजीविका फल बागानों पर आधारित है उनकी आजीविका पर गहरा संकट मंडराने लगा है। सेब आदि फलों की फसलों की बरबादी के चलते किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। बैंकों के कर्ज से दबे किसानों एवं ग्रामीण क्षेत्र के फल, सब्जी उत्पादक किसानों को दैवीय आपदा के कारण हुए नुकसान का समय पर उचित मुआबजा नहीं मिल पाया तो मौसम की यह मार उनको आर्थिक तथा मानसिक रूप से कमजोर कर देगी।

श्री करन माहरा ने कहा कि बेमौसमी बरसात एवं भीषण ओलावृष्टि के कारण फल उत्पादक किसानों पर आई इस दैवीय आपदा से निपटने के लिए राज्य सरकार के स्तर पर यथाशीघ्र समुचित कदम उठाते हुए अतिवृष्टि से किसानों को हुई हानि का आंकलन कर नुकसान के बदले समुचित राहत राशि शीघ्र प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में वे शीघ्र ही प्रदेश के मुखिया से मिलकर अनुरोध करेंगे। उन्होंने क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह किया है कि वे भी अपनी क्षमता के अनुसार क्षेत्रवासियों की मदद के लिए आगे आयें।

श्री करन माहरा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की है कि जनपद उत्तरकाशी के मोरी विकासखण्ड में अतिवृष्टि से हुई हानि का स्थानीय प्रशासन से यथाशीघ्र आंकलन करवाते हुए किसानों को हुए नुकसान के बदले समुचित राहत राशि प्रदान की जाय।

देवभूमि खबर

Related articles