बिलपावर लिमिटेड लोन फ्रॉड मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 12.20 करोड़ की ज्वेलरी और 43.90 लाख रुपये नकद जब्त

बिलपावर लिमिटेड लोन फ्रॉड मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 12.20 करोड़ की ज्वेलरी और 43.90 लाख रुपये नकद जब्त
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मुंबई/वडोदरा। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुंबई जोनल कार्यालय ने बिलपावर लिमिटेड से जुड़े बैंक लोन फ्रॉड मामले में 25 अगस्त 2026 को मुंबई और वडोदरा में बड़ी कार्रवाई की। ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 7 आवासीय/व्यावसायिक परिसरों और 3 बैंक लॉकरों पर तलाशी अभियान चलाया।

ईडी की जांच भारतीय स्टेट बैंक की शिकायत पर CBI-EO-I, दिल्ली द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी। आरोप है कि ट्रांसफॉर्मर लैमिनेशन और कोर बनाने वाली कंपनी बिलपावर लिमिटेड ने SBI से विभिन्न ऋण सुविधाएं लेने के बाद ऋण की रकम को कथित तौर पर गलत तरीके से डायवर्ट किया और खातों में हेरफेर की। इससे बैंक को करीब 160.55 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

जांच में सामने आया कि कंपनी ने कथित तौर पर कुछ शेल और फर्जी कंपनियों के माध्यम से बैंक की रकम को डायवर्ट और राउंड-ट्रिप किया। इन कंपनियों के पक्ष में लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) का इस्तेमाल किया गया और कथित तौर पर जाली दस्तावेजों को वास्तविक दस्तावेजों के रूप में प्रस्तुत किया गया। बाद में रकम को चौधरी परिवार के सदस्यों और उनके सहयोगियों से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं में डायवर्ट किए जाने का आरोप है।

तलाशी के दौरान ईडी ने करीब 43.90 लाख रुपये नकद और लगभग 12.20 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण जब्त किए। इसके अलावा करीब 27 लाख रुपये की राशि वाले दो बैंक खातों को फ्रीज किया गया तथा तीन बैंक लॉकर भी फ्रीज किए गए।

कार्रवाई के दौरान अचल संपत्तियों, जमीन और मशीनरी समेत विभिन्न परिसंपत्तियों से संबंधित दस्तावेज भी बरामद हुए। इसके अलावा आपत्तिजनक दस्तावेज, बही-खाते, लेजर और डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

देवभूमि खबर

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