धरातल से कोसों दूर… ? मुख्यमंत्री महिला सतत् आजीविका योजना,कांग्रेस प्रवक्ता दसौनी ने चयनित एनजीओ पर लगाया गोलमाल का आरोप
देहरादून। कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने मुख्यमंत्री महिला सतत् आजीविका योजना को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाई गई इस योजना को चयनित एनजीओ ने पलीता लगाया है। दून के रायपुर और मालदेवता क्षेत्र की करीब 300 महिलाओं को वर्ष 2022 में ट्रेनिंग तो दी गई, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी उन्हें वादा किए गए 50 हजार रुपये के अनुदान या परिसंपत्तियां नहीं मिलीं।
दसौनी ने प्रेस वार्ता में बताया कि योजना के लिए विभाग ने एनजीओ को 1.26 करोड़ रुपये का भुगतान किया, इसके बावजूद लाभार्थियों को गाय, मधुमक्खी पालन बॉक्स और अन्य सामग्री वितरित नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग जून 2025 में एनजीओ को नोटिस भी जारी कर चुका है, मगर संस्था के पदाधिकारी हठधर्मिता पर अड़े हुए हैं और कार्रवाई ठंडे बस्ते में पड़ी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर लाखों रुपये का अनुदान गया कहां और क्यों तीन-तीन साल तक सरकारी धन संस्था के बैंक खाते में पड़ा रहा।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि यह मामला केवल रायपुर ब्लॉक के कुछ गांवों तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की अन्य महिलाओं पर भी इसका असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 25–25 महिलाओं के समूह बनाकर डेयरी और बी-कीपिंग की ट्रेनिंग दी गई थी। लेकिन न तो गाय खरीदी गई और न ही मधुमक्खी पालन शुरू हो पाया। इससे महिलाओं को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
गरिमा ने आरोप लगाया कि विभाग ने नोटिस जारी कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली, जबकि अनुबंध पर भी अनियमितता पाई गई है, क्योंकि हस्ताक्षर संस्था के अध्यक्ष या सचिव के बजाय प्रोजेक्ट मैनेजर ने किए। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार का स्पष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि योजना की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की कि वह महिला सशक्तिकरण और सम्मान की बातें केवल मंचों तक सीमित न रखें, बल्कि योजनाओं की धरातलीय सच्चाई जानकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें। दसौनी ने कहा कि महिलाओं के अधिकार और आत्मनिर्भरता से जुड़ी इस योजना को भ्रष्टाचार और लापरवाही ने खोखला कर दिया है, जिससे सरकार की नीयत और कार्यप्रणाली दोनों सवालों के घेरे में हैं।
