₹5 लाख की फिरौती मामले का हरिद्वार पुलिस ने किया खुलासा, प्रॉपर्टी डीलर निकला आरोपी
हरिद्वार ।पुलिस ने एक बड़े फिरौती प्रकरण का पर्दाफाश करते हुए कुख्यात गैंगस्टर सुनील राठी के नाम पर फिरौती मांगने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कोई और नहीं बल्कि कथित प्रॉपर्टी डीलर निकला जिसने प्रॉपर्टी कारोबार में हुए घाटे की भरपाई करने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था।
घटना 26 अगस्त 2025 की है जब सिद्ध गोपाल नामक व्यक्ति ने कोतवाली मंगलौर में तहरीर दी कि उसके मोबाइल पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर गैंगस्टर सुनील राठी का नाम लेते हुए ₹5 लाख की फिरौती मांगी है। आरोपी ने धमकी दी थी कि यदि रकम नहीं दी गई तो शिकायतकर्ता और उसके परिवार को जान से मार दिया जाएगा। इस गंभीर सूचना पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने खुलासे के लिए एक विशेष टीम गठित की। टीम ने तकनीकी जांच और पड़ताल शुरू की तो पता चला कि कॉल करने के लिए जिस नंबर का इस्तेमाल हुआ, वह देहरादून में सक्रिय है। पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तो संदिग्ध मनीष भाटिया सामने आया।
पुलिस ने मनीष भाटिया को दबोचा। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह वर्ष 2009 में लव मैरिज के बाद देहरादून में रह रहा था और वर्ष 2021 से प्रॉपर्टी डीलिंग का काम कर रहा था। कारोबार में नुकसान होने पर उसने अपने पुराने परिचित और जनरल स्टोर संचालक सिद्ध गोपाल मित्तल से फिरौती मांगने की योजना बनाई। इसके लिए उसने अपने पास मौजूद नोकिया मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया, जो उसने 2018 में एक ग्राहक की आईडी से एक्टिवेट कराया था।
आरोपी ने पीड़ित को कॉल कर खुद को बहादराबाद जेल में बंद सुनील राठी बताकर धमकी दी और ₹5 लाख की मांग की। इसके बाद सबूत मिटाने के इरादे से आरोपी ने उक्त मोबाइल फोन को मंगलौर-रुड़की मार्ग के बीच सड़क किनारे फेंक दिया, जिसे पुलिस टीम ने बरामद कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनीष भाटिया पुत्र सुदर्शन लाल भाटिया निवासी चुक्खुवाला, कोतवाली नगर, जनपद देहरादून (मूल पता मौहल्ला करहरा, कोतवाली मंगलौर, हरिद्वार) के रूप में हुई है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोबाइल को कब्जे में ले लिया है।
इस मामले के सफल अनावरण में प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह, व0उ0नि0 रफत अली, उ0नि0 बलवीर सिंह, अ0उ0नि0 गजपाल राम, हे0कानि0 श्याम बाबू, कानि0 शहजाद, कानि0 रविन्द्र और कानि0 चमन (सीआईयू रुड़की) की अहम भूमिका रही।

