उत्तराखंड में तेज हुआ एचपीवी टीकाकरण अभियान, 65 हजार से अधिक किशोरियों को लगा टीका

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देहरादून, 24 सितंबर। उत्तराखंड में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान ने तेजी पकड़ ली है। सितंबर 2026 तक प्रदेश में निर्धारित 95 हजार किशोरियों के लक्ष्य के सापेक्ष करीब 65 हजार किशोरियों का टीकाकरण किया जा चुका है। यह कुल लक्ष्य का लगभग 69 प्रतिशत है। जनपदवार प्रगति में चमोली ने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है, जबकि पिथौरागढ़ में करीब 96 प्रतिशत और ऊधमसिंह नगर में करीब 86 प्रतिशत पात्र किशोरियों का टीकाकरण किया जा चुका है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से राज्य एवं जनपद स्तर पर नियमित निगरानी, पात्र किशोरियों की सूची तैयार करने, टीकाकरण सत्रों की संख्या बढ़ाने तथा लगातार फॉलोअप के माध्यम से अभियान को गति दी जा रही है। कार्यक्रम के तहत 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी और 15 वर्ष की आयु पूरी न करने वाली किशोरियां लक्षित समूह में शामिल हैं।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार किशोरियों के स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य को लेकर प्रतिबद्ध है। एचपीवी टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र किशोरी तक समय पर टीकाकरण की सुविधा पहुंचे और टीके को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति या हिचकिचाहट को सही एवं तथ्यात्मक जानकारी के माध्यम से दूर किया जाए।सचिव स्वास्थ्य विनय शंकर पांडेय ने कहा कि भारत सरकार के विजन के अनुरूप प्रदेश में प्रत्येक पात्र किशोरी तक एचपीवी टीकाकरण पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य स्तर पर नियमित निगरानी और फॉलोअप को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्देश्य केवल वर्तमान अभियान में अधिक से अधिक किशोरियों का टीकाकरण करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें प्रत्येक बालिका के 14 वर्ष की आयु पूरी करने पर समय से एचपीवी टीका उपलब्ध कराया जा सके।

मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. संदीप तिवारी ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग शिक्षा विभाग के सहयोग से विद्यालय स्तर पर जागरूकता और टीकाकरण गतिविधियों को गति दे रहा है। अभियान का उद्देश्य सही जानकारी, सही समय पर टीकाकरण और स्वस्थ भविष्य के संदेश के साथ किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दिशा में सशक्त बनाना है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारणों में शामिल है। किशोरावस्था में पात्र किशोरियों को एचपीवी का टीका लगाने से भविष्य में एचपीवी संक्रमण और उससे संबंधित बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण मदद मिलती ह

अभियान को गति देने के लिए आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से पात्र किशोरियों की सूची तैयार एवं अद्यतन की जा रही है। टीकाकरण सत्र आयोजित करने के साथ जनपद एवं विकासखंड स्तर पर दैनिक प्रगति की समीक्षा और टीकाकरण से छूटी किशोरियों का फॉलोअप किया जा रहा है। टीकाकरण से वंचित किशोरियों को सत्र में अनुपस्थित रहने, परिवार या किशोरी की हिचकिचाहट, संपर्क में न आने और प्रवास जैसी श्रेणियों में चिन्हित कर उनके अनुसार कार्रवाई की जा रही है।

डॉ. अमित शुक्ला, निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने कहा कि प्रदेश में एचपीवी टीकाकरण की प्रगति की लगातार निगरानी की जा रही है। ड्यू-लिस्टिंग, लाभार्थियों के मोबिलाइजेशन और फॉलोअप के माध्यम से शेष पात्र किशोरियों तक पहुंचने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
टीकाकरण कार्यक्रम की निगरानी को मजबूत करने के लिए एचपीवी कवच डिजिटल डैशबोर्ड विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से टीकाकरण की प्रगति, कवरेज, सत्रों और वैक्सीन के भंडार की निगरानी की जा सकेगी। वास्तविक समय के आंकड़ों और विश्लेषण के आधार पर कम प्रदर्शन वाले क्षेत्रों तथा वैक्सीन की संभावित कमी की समय पर पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाने में मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य विभाग एचपीवी टीकाकरण को केवल अभियान तक सीमित रखने के बजाय नियमित व्यवस्था के रूप में मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रहा है। अभियान के दौरान वर्तमान पात्र समूह की सभी किशोरियों तक पहुंच बनाने के साथ नियमित चरण में प्रत्येक बालिका के 14 वर्ष की आयु पूरी करते ही समय पर टीका उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है।

विद्यालय स्तर पर भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर से बचाव में टीकाकरण की भूमिका और पात्रता की जानकारी दी जा रही है। अभिभावकों के साथ संवाद कर टीके से जुड़ी भ्रांतियों और आशंकाओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रदेश में प्रत्येक रविवार को पिंक डे के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान स्वास्थ्य केन्द्रों पर जागरूकता संवाद, पोस्टर एवं संदेश प्रदर्शन तथा किशोरियों और अभिभावकों के साथ संवाद जैसी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य प्रदेश की प्रत्येक पात्र किशोरी तक एचपीवी टीकाकरण की सुविधा पहुंचाकर भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के बोझ को कम करने की दिशा में ठोस आधार तैयार करना है।

देवभूमि खबर

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