रूद्रपुर। सांसद अजय भट्ट ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दिशा बैठक की मॉनिटरिंग स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की जाती है, इसलिए सभी अधिकारी योजनाओं को गंभीरता से लेते हुए कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें।
सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं की जानकारी जनप्रतिनिधियों को दी जाए तथा योजनाओं का शुभारंभ और लोकार्पण जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारें, ताकि जनता को उनका वास्तविक लाभ मिल सके।
बैठक में शक्तिगढ़ के अधिशासी अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर सांसद ने मुख्य विकास अधिकारी को स्पष्टीकरण लेने और उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। वहीं काशीपुर क्षेत्र में विद्युत विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी को कार्यों की समीक्षा करने और विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों का पूरा विवरण उपलब्ध कराने को कहा।
सांसद ने कहा कि गर्मी का मौसम शुरू हो गया है, इसलिए पेयजल और विद्युत विभाग अभी से पूरी तैयारी कर लें। पेयजल लाइनों और ओवरहेड टैंकों की मरम्मत कराई जाए तथा आवश्यकतानुसार टैंकरों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विद्युत विभाग को नलकूपों में लगे ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों को भी सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए सांसद ने कहा कि जिन स्थानों पर पेयजल योजनाओं के तहत सड़कें खोदी गई हैं या पाइपलाइन में लीकेज की समस्या है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए। उन्होंने आनंदखेड़ा, बेतखेड़ी और बुक्सौरा पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई और वसूली करने के निर्देश भी दिए।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि अमृत योजना-2.0 के अंतर्गत नानकमत्ता पेयजल योजना के लगभग 45 प्रतिशत कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि शक्तिगढ़ पेयजल योजना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। सांसद ने सभी पेयजल संयोजनों में मीटर लगाने और योजनाओं का लोकार्पण कराने के निर्देश दिए।
सांसद ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) चिकित्सालय की समीक्षा करते हुए वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, उपकरणों और स्टाफ की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों और अन्य स्टाफ की कमी को देखते हुए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में रूद्रपुर बाईपास निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और 20 मार्च के बाद इसे ट्रायल के लिए खोल दिया जाएगा। सांसद ने कहा कि वह अप्रैल के पहले सप्ताह में स्वयं रूद्रपुर बाईपास का निरीक्षण करेंगे।
इसके अलावा बैठक में छत्तरपुर अंडरपास निर्माण, बाजपुर क्षेत्र में लेवड़ा नदी में पुल निर्माण, गौशालाओं के निर्माण, ड्रेनेज योजना, मनरेगा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, अमृत योजना, समग्र शिक्षा अभियान और पंतनगर एयरपोर्ट सहित कई योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार सभी अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में क्षेत्रीय विधायक शिव अरोरा, मेयर विकास शर्मा सहित जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

