ईएसआई चिकित्सालय में पैसे मांगने पर श्रमिकों ने किया अस्पताल में हंगामा
लालकुआं।देवभूमि खबर। विशाल निर्मिति में कार्यरत श्रमिक का ईएसआई अस्पताल द्वारा स्थानांतरित अस्पतालों में उपचार न करने एवं निजी चिकित्सालय द्वारा नगद पैसे लेकर इलाज करने से आक्रोशित श्रमिक एवं उसके परिजनों ने ईएसआई चिकित्सालय में हंगामा काटा। लगभग एक घंटे से अधिक समय तक हंगामा कर रहे श्रमिकों को चिकित्सालय के कर्मियों ने बमुश्किल समझा बुझाकर घर भेजा।
विशाल में कार्यरत श्रमिक अनिल तिवारी ने अपने परिवार के साथ वार्ड नंबर दो में स्थित ईएसआई अस्पताल में हंगामा करते हुए कहा कि गत 31 मार्च 2017 को उसके पैर में कार्य करने के दौरान मशीन गिर गई थी जिसके बाद उसको कंपनी एवं साथी श्रमिकों द्वारा ईएसआई अस्पताल से रेफर कराकर हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। परंतु अस्पताल प्रशासन ने ईएसआई से इलाज न करते हुए उससे नगद पैसे लेकर उसका उपचार किया। जब वह इसके बावजूद भी ठीक नहीं हुआ तो वह पुनरू ईएसआई अस्पताल आया जहां से उसे देहरादून स्थित ईएसआई के हिमालया अस्पताल को रेफर कर दिया गया। चार से 17 जुलाई तक उसका इलाज हुआ इसके बाद वहां भी चिकित्सकों ने पैसे लेकर उसका इलाज किया। और ईएसआई के सौजन्य से इलाज करने से साफ मना कर दिया।
श्रमिक का कहना है कि उसने अपना मकान, जमीन और पत्नी के जेवर बेच कर 12 लाख रूपया खर्च करके अपने पैर का इलाज कराया है। और अभी भी उसका पाव ठीक नहीं हुआ है। परंतु ईएसआई अस्पताल उसकी इस बीमारी के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं है उसको इलाज का एक रुपया भी अभी तक नहीं दिया गया है। जबकि वह काफी समय पूर्व ही सारे बिल यहां लगा कर चुका है।
इस दौरान ईएसआई अस्पताल में मौजूद मुख्य सहायक बीडी पांडे ने बताया कि श्रमिक के यहां आने पर उन्होंने तुरंत ही ईएसआई से संबंध चिकित्सालय को उसे रेफर कर दिया। अब चिकित्सालय यदि उसका इलाज नहीं करता है तो इसमें ईएसआई चिकित्सालय का क्या दोष है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा योजना श्रम चिकित्सा सेवा उत्तराखंड के निदेशक द्वारा गत 27 सितंबर को आदेश दिया है कि निजी चिकित्सालय में उपचार कराने वाले श्रमिकों को व्यय का भुगतान न किया जाए। इसलिए उन्होंने निजी चिकित्सालयों के खर्चे का भुगतान करना अब रोक दिया है। श्रमिक का शोर शराबा सुनकर वहां पहुंचे कई अन्य श्रमिकों ने भी ईएसआई अस्पताल द्वारा रेफर किए जाने वाले निजी चिकित्सालयों में नगद पैसे लेने का आरोप लगाते हुए कड़ी नाराजगी जाहिर की। वहां पहुंचे शिव बहादुर यादव ने भी कहा कि उसने हल्द्वानी के निजी चिकित्सालय में ईएसआई से रेफर होकर इलाज कराया तो चिकित्सालय ने उससे नगद पैसे ले लिए। एक घंटे तक सपरिवार हंगामे के बाद बमुश्किल उसे समझा बुझाकर घर भेजा।
