देहरादून पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों और चोरी की ज्वैलरी खरीदने वाले सुनार की गिरफ्तारी का किया का खुलासा
देहरादून पुलिस ने हाल ही में चोरी की दो बड़ी घटनाओं का पर्दाफाश किया है, जिसमें रानीपोखरी और सहसपुर थाना क्षेत्रों में हुए अपराध शामिल हैं। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, साथ ही चोरी की ज्वैलरी खरीदने वाले सुनार को भी मुजफ्फरनगर से पकड़ा गया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों ने मिलकर सुनार की दुकान और एक स्कूल में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था।
- रानीपोखरी थाना क्षेत्र
घटना 6 जुलाई 2024 को हुई, जब सोनू रस्तोगी नामक व्यक्ति ने रानीपोखरी में अपनी सुनार की दुकान का ताला टूटा हुआ पाया। चोरी के दौरान सोने-चांदी की ज्वैलरी और नगदी भी ले जाई गई थी। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और चार संदिग्ध व्यक्तियों की तस्वीरें प्राप्त की, जिन्हें अन्य थानों और पुलिस विभागों के साथ साझा किया गया। - सहसपुर थाना क्षेत्र
दूसरी घटना एक स्कूल में हुई, जहां से चोरों ने 2 डीवीआर, एक एम्पलीफायर और नगदी चुराई थी। इस घटना की जांच जारी है और इसे भी अभियुक्तों से जोड़ा जा रहा है।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां:
5 सितंबर 2024 को पुलिस टीम ने रानीपोखरी के बड़कोट तिराहे पर संदिग्ध गतिविधि के दौरान चार व्यक्तियों को रोकने का प्रयास किया। हालांकि, चारों अभियुक्त भागने लगे, लेकिन पुलिस ने दो को पकड़ लिया। उनके नाम लालू और कृष्ण कुमार बताए गए, जो उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के निवासी हैं। उनके पास से 315 बोर का एक तमंचा, चार जिंदा कारतूस, एक अवैध चाकू और अन्य सामान बरामद हुआ।
चोरी की ज्वैलरी की बरामदगी और सुनार की गिरफ्तारी:
पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने रानीपोखरी में सुनार की दुकान से सोने और चांदी की ज्वैलरी चोरी की थी। इसके बाद उन्होंने चोरी का माल मुजफ्फरनगर के अमित कुमार वर्मा नामक सुनार को बेचा। पुलिस ने अमित कुमार को भी गिरफ्तार किया और उसके पास से चोरी की गई 1 किलो चांदी बरामद की।
अपराध की योजना और अन्य अभियुक्त:
गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने अपने दो और साथियों, गंगा सिंह और चपेटा, के साथ मिलकर यह चोरी की थी। उन्होंने पहले हरिद्वार में योजना बनाई और फिर रानीपोखरी क्षेत्र में दुकान का ताला तोड़कर चोरी को अंजाम दिया। घटना के बाद उन्होंने सोने-चांदी की ज्वैलरी को अलग किया और आर्टिफिशियल ज्वैलरी को फेंक दिया।
अभी भी दो अभियुक्त फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी है।
गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम:
- लालू पुत्र रामपाल, निवासी ईशापुर, थाना निगोही, जिला शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश
- कृष्ण कुमार उर्फ अंडू पुत्र मंगलगिरी, निवासी ईशापुर, थाना निगोही, जिला शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश
- अमित कुमार वर्मा, ज्वैलर्स, पुत्र शिव कुमार वर्मा, निवासी कृष्णापुरी, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
फरार अभियुक्त:
- गंगा सिंह पुत्र घासी, निवासी रमपुरा, जिला खीरी, उत्तर प्रदेश
- चपेटा पुत्र छोटे लाल, निवासी ईशापुर, थाना निगोही, जिला शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश
बरामद सामान:
- लालू के पास से 315 बोर का तमंचा, चार जिंदा कारतूस, और 1300 रुपये नगद बरामद हुए।
- कृष्ण कुमार के पास से पेचकस, आलानकब, एक अवैध चाकू और 600 रुपये नगद बरामद हुए।
- दोनों अभियुक्तों की निशानदेही पर चोरी की गई आर्टिफिशियल ज्वैलरी भी बरामद की गई, जिसमें 06 चेन, 2 नथ, एक जोड़ी कंगन, 14 जोड़ी कुण्डल, और कई रंगीन नग शामिल थे।
निष्कर्ष:
देहरादून पुलिस की सक्रियता और जांच के चलते इस बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ। दो अभियुक्तों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस फरार अभियुक्तों की तलाश में है। पुलिस ने चोरी की गई ज्वैलरी और अन्य सामान बरामद कर लिया है।

