ऋषिकेश में पुलिस मुठभेड़: हत्या के प्रयास में वांछित 15-15 हजार के दो इनामी बदमाश घायल
पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई, अवैध हथियार और बिना नंबर की बाइक बरामद
ऋषिकेश ।चारधाम यात्रा के दौरान चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान में दून पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में वांछित 15-15 हजार रुपये के दो इनामी बदमाशों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस के अनुसार, शनिवार देर रात नटराज चौक क्षेत्र में चेकिंग के दौरान बिना नंबर प्लेट की काले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस द्वारा रुकने का इशारा करने पर दोनों बैरियर को टक्कर मारकर हरिद्वार बाईपास की ओर फरार हो गए। सूचना प्रसारित कर पुलिस टीमों ने उनका पीछा किया।
खांड गांव के पास घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने जंगल की ओर भागने का प्रयास किया, लेकिन बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। इस दौरान दोनों ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैरों में गोली लगी और उन्हें दबोच लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आमिर (22 वर्ष), निवासी मुजफ्फरपुर, बिहार तथा अनवारूल हक उर्फ अनवर (24 वर्ष), निवासी सीतामढ़ी, बिहार के रूप में हुई है। दोनों कोतवाली ऋषिकेश में दर्ज जानलेवा हमले के एक मामले में वांछित चल रहे थे। कुछ दिन पूर्व भुट्टोवाला क्षेत्र में सड़क किनारे शराब पीने को लेकर हुए विवाद में आरोपियों ने अपने साथी के साथ मिलकर स्थानीय लोगों पर फायरिंग की थी, जिसमें दो व्यक्ति घायल हुए थे।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी बिहार में लूट और हत्या की एक वारदात में भी शामिल रहे हैं। बिहार पुलिस से बचने के लिए वे ऋषिकेश आए थे, जहां उनके एक साथी का ससुराल है। घटना के बाद से दोनों लगातार फरार चल रहे थे और ऋषिकेश से बाहर भागने की फिराक में थे।
मौके से पुलिस ने एक फैक्ट्री मेड पिस्टल, एक अवैध तमंचा, चार जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, नगदी तथा घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस पर फायरिंग के मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुठभेड़ की कार्रवाई में कोतवाली ऋषिकेश के प्रभारी निरीक्षक कैलाश चन्द्र भट्ट के नेतृत्व में वरिष्ठ उपनिरीक्षक भरत सिंह रावत, उपनिरीक्षक राजकुमार, उपनिरीक्षक सुमित चौधरी, एसओजी के हेड कांस्टेबल विपिन सैनी, कांस्टेबल मनोज, कांस्टेबल शेखर सैनी, कांस्टेबल तेजपाल सिंह तथा कांस्टेबल मिथिलेश शामिल रहे। पुलिस टीम ने साहस और तत्परता का परिचय देते हुए बदमाशों की घेराबंदी की तथा पुलिस पर की गई फायरिंग के बावजूद संयमित कार्रवाई करते हुए दोनों इनामी अपराधियों को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया।

