राज्य आंदोलनकारियों का सचिवालय कूच, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका, वार्ता का मिला आश्वासन

राज्य आंदोलनकारियों का सचिवालय कूच, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका, वार्ता का मिला आश्वासन
Spread the love

देहरादून।उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच के बैनर तले राज्य आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर बुधवार को गांधी पार्क मुख्य द्वार से सचिवालय कूच किया। हालांकि पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर प्रदर्शनकारियों को पुलिस मुख्यालय से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया, जिसके बाद आंदोलनकारी वहीं धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राज्य आंदोलनकारियों से संबंधित मामलों में मुख्यमंत्री की घोषणाओं, शासनादेशों एवं अधिनियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। आंदोलनकारियों ने “उपेक्षा बंद करो”, “शासनादेशों का पालन करो” जैसे नारे लगाए।

धरना प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की ओर से वार्ता का प्रस्ताव रखा गया। नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष कुमार एवं गृह सचिव के निजी सचिव के माध्यम से शाम 4:30 बजे पांच सदस्यीय शिष्टमंडल को वार्ता के लिए बुलाया गया। शिष्टमंडल में प्रदेश प्रवक्ता एवं जिला अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती, प्रदेश महासचिव रामलाल खंडूड़ी, पूर्व राज्य मंत्री धीरेन्द्र प्रताप, विक्रम सिंह धामी तथा आनंद सिंह राणा शामिल रहे। गृह सचिव शैलेश बगोली के साथ हुई बैठक में आंदोलनकारियों की मांगों पर बिंदुवार चर्चा की गई और समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया।

धरना स्थल पर प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि आयोग और शासन के बीच समन्वय के अभाव में आंदोलनकारियों को लगातार परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा पास करने के बाद भी अभ्यर्थियों को अनावश्यक रूप से चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

वक्ताओं ने यह भी कहा कि क्षैतिज आरक्षण के प्रावधानों के बावजूद कई मामलों में आदेशों का सही क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। समूह ‘ग’ एवं पुलिस भर्ती, आयु सीमा में छूट और अन्य लाभों को लेकर भी असंतोष जताया गया। उन्होंने बताया कि 2004-05 के शासनादेश के तहत रोजगार और पेंशन से जुड़े प्रावधानों का भी पूर्ण लाभ आंदोलनकारियों को नहीं मिल पा रहा है।

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

इस दौरान  केशव उनियाल , विक्रम सिंह धामी , आनन्द सिंह राणा , जगमोहन सिंह नेगी , धीरेन्द्र प्रताप , रामलाल खंडूड़ी , प्रदीप कुकरेती , विशम्भर दत्त बौंठियांल , पूरण सिंह लिंगवाल , गणेश डंगवाल , रामेश्वरी नेगी , सुलोचना भट्ट , राधा तिवारी , द्वारिका बिष्ट , अरुणा थपलियाल , दुर्गा ध्यानी , विमला रावत , साबी नेगी , संगीता रावत , आशा डंगवाल , कल्पेश्वरी नेगी , सरोज , सुलोचना मैन्दोला , मोनिका लखेड़ा , केशव उनियाल , युद्धवीर सिंह चौहान , हरीश सिंह , जगदीश कुकरेती , विकास राणा , कमलेश नौटियाल , गुड्डू सिंह , कमला जुयाल , सुशील चमोली गणेश डंगवाल , संजय बलूनी , गोविन्द सिंह गुसांई , राकेश काण्डपाल , विवेक बलोंदी , सोबन सिंह सजवाण , देवेश्वर काला , चन्द्रकिरण राणा एवं मोहन खत्री , महेन्द्र , अखिलेश भट्ट , राजेन्द्र बहुगुणा , बलबीर सिंह नेगी , पुरषोत्तम सेमवाल , यशोदा रावत , आशा नौटियाल , शकुन्तला लखेड़ा , सुबोधनी  भट्ट आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

देवभूमि खबर

Related articles