देहरादून मास्टर प्लान 2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज, जनभागीदारी और पर्यावरण संतुलन पर जोर
देहरादून। राजधानी के सुनियोजित, संतुलित और दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने मास्टर प्लान 2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप इस योजना को जनभागीदारी आधारित, पर्यावरण संतुलित और आधुनिक शहरी जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
प्राधिकरण कार्यालय में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मास्टर प्लान के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, सचिव मोहन सिंह बर्निया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि मास्टर प्लान को पूरी तरह जनकेंद्रित बनाया जाएगा। इसके तहत नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में विशेष कैंप आयोजित कर नागरिकों से आपत्तियां और सुझाव लिए जाएंगे। योजना के तहत देहरादून को आधुनिक, निवेश-अनुकूल और तकनीकी रूप से सशक्त शहर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
तेजी से बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को देखते हुए सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक परिवहन और पार्किंग सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है। ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए नए कॉरिडोर, बाईपास और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम प्रस्तावित किए गए हैं।
पर्यावरण संरक्षण को भी मास्टर प्लान में प्रमुख स्थान दिया गया है। नदी तटों के संरक्षण, बड़े स्तर पर वृक्षारोपण और ग्रीन जोन विकसित करने की योजना बनाई गई है, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।
मास्टर प्लान से जुड़ी आपत्तियों के निस्तारण के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव शामिल होंगे। यह समिति समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सभी मामलों का निपटारा करेगी।
बैठक में मसूरी क्षेत्र के विकास पर भी चर्चा हुई, जिसमें इसे एक मॉडल हिल स्टेशन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया। साथ ही शहरी विकास, परिवहन, पर्यावरण और पर्यटन विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की बात कही गई।
अधिकारियों ने कहा कि मास्टर प्लान 2041 देहरादून के भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज होगा, जिसे व्यापक जनसहभागिता और पारदर्शिता के साथ लागू किया जाएगा।

