उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच का जनजागरण अभियान, नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई और टास्कफोर्स गठन की मांग

उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच का जनजागरण अभियान, नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई और टास्कफोर्स गठन की मांग
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देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा प्रदेश में बढ़ते सूखे नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान के तहत गांधी पार्क में कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान में मातृशक्ति, वरिष्ठजन और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की और नशे के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई।

कार्यक्रम में वरिष्ठ सलाहकार अधिवक्ता पृथ्वी सिंह नेगी, प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी और सुलोचना भट्ट ने कहा कि गली-कूचों से लेकर शिक्षण संस्थानों के आसपास नशे का बढ़ता प्रचलन युवाओं और परिवारों को बर्बादी की ओर धकेल रहा है। उन्होंने समाज और प्रशासन से इस समस्या के खिलाफ कड़ा अभियान चलाने की मांग की, ताकि प्रदेश को “उड़ता पंजाब” बनने से रोका जा सके।

सामाजिक कार्यकर्ता जगमोहन मेहन्दीरत्ता, केशव उनियाल और प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने पुलिस महानिदेशक और गृह विभाग से मिलकर विशेष टास्कफोर्स गठित करने की आवश्यकता जताई। उनका कहना था कि जिस तरह एसटीएफ और एनआईए अपराधियों व आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करती हैं, उसी तरह प्रदेश में भी सघन अभियान चलाकर नशा तस्करों पर शिकंजा कसा जाए।

महिला प्रतिभागियों राधा तिवारी, अरुणा थपलियाल और गीता नेगी ने परिवार की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि अभिभावकों को बच्चों के साथ समय बिताना चाहिए, जिससे वे गलत संगत और नशे की ओर जाने से बच सकें। उन्होंने शराब की दुकानों में बढ़ोतरी पर भी चिंता जताते हुए सरकार से नीति में बदलाव की मांग की।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने प्रशासन और पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने तथा दोषियों को सजा दिलाने के लिए कड़े कानून लागू करने की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की उपस्थिति रही, जिन्होंने नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।

देवभूमि खबर

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