ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने की आपदा प्रभावित सड़कों व पुलों की समीक्षा, तेजी से बहाली के दिए निर्देश
देहरादून। ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने आज कैंप कार्यालय में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अधिकारियों के साथ बैठक कर बरसात से प्रभावित ग्रामीण सड़कों और पुलों की स्थिति की समीक्षा की। मंत्री जोशी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में कार्ययोजना बनाकर तेजी से सड़क और पुलों को दुरुस्त किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी शीघ्र बहाल हो सके।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रदेश में पीएमजीएसवाई के अंतर्गत कुल 89 सड़कें अवरुद्ध हैं, जिनमें गढ़वाल मंडल की 70 और कुमाऊं मंडल की 19 सड़कें शामिल हैं। इन मार्गों को खोलने के लिए गढ़वाल में 104 मशीनें और कुमाऊं में 63 जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं।
मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र में आपदा से हुए नुकसान की समीक्षा करते हुए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों के पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द शुरू किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि क्षतिग्रस्त मार्गों का इस्टीमेट तैयार कर शासन से शीघ्र स्वीकृति प्राप्त की जाए। साथ ही, अनारवाला–मालसी मार्ग, गाजियावाला, हल्दूवाला, घट्टीगोला का क्षतिग्रस्त पुल, किमाड़ी मोटर मार्ग और चामासारी क्षेत्र में सुरक्षात्मक कार्यों को तत्काल पूर्ण करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत क्यारा–धनोल्टी मोटर मार्ग को प्राथमिकता से पूरा करने पर जोर दिया। इसके अलावा, मसूरी–देहरादून मार्ग पर आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त पुल को रिकॉर्ड समय में वैली ब्रिज तैयार करने पर मंत्री जोशी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को शाबाशी दी।
बैठक में सीईओ यूआरआरडीए अभिषेक रोहिला, पीएमजीएसवाई मुख्य अभियंता संजय कुमार पाठक, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता रंजीत सिंह, जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, मंजीत रावत, भूपेंद्र कठेत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

