पर्यावरण बचाव को उचित कदम उठाने की आवश्यकताः डा. सिंह

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पंतनगर।देवभूमि खबर। पंतनगर विश्वविद्यालय में चल रहे स्थापना सप्ताह के के तहत डा. रतन सिंह सभागार में स्थापना सप्ताह व्याख्यान का आयोजन हुआ, जिसे गढ़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा. एसपी सिंह द्वारा व्याख्यान दिया गया। व्याख्यान का विषय श्हिमालय में पर्यावरण बदलावरू इसके विभिन्न आयामश् था। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति, प्रो. एके मिश्रा ने की।
डा. एसपी सिंह ने अपने व्याख्यान में कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में पर्यावरण में बदलाव होने के कारण ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भू क्षरण, मृदा अपरदन इत्यादि में वृद्धि हो रही है। प्राकृतिक झरने एवं अन्य जल स्रोत कम होते जा रहे हैं, जिससे मानव, पशु, फसलों व अन्य वनस्पतियों इत्यादि को जल की उपलब्धता कम होती जा रही है। उच्च हिमालय क्षेत्रों में शीतकाल की कमी से सेब व अन्य फलों व फसलों के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
डा. सिंह ने पर्वतीय क्षेत्रों में कम होते जा रहे जंगल, जंगलों में लगने वाली आग से होने वाले नुकसान, शहरी करण व औद्योगिकीकरण से पर्यावरण को हो रही हानि तथा अन्य आयामों पर प्रकाश डालते हुए राज्य एवं केन्द्र सरकार के स्तर से जन जागरूकता अभियान व नीति एवं नियम निर्धारण की आवश्यकता बताई।
कुलपति प्रो. एके मिश्रा ने इस अवसर पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि प्राकृतिक संपदा का संरक्षण एवं इसका कम से कम उपयोग कर अधिक से अधिक लाभ लेने का प्रयास किया जाना चाहिए, साथ ही वर्षा जल के संचयन, वनीकरण इत्यादि में वृद्वि कर पर्यावरण संतुलन बनाये रखने की आवश्यकता पर उन्होंने बल दिया। डा. मिश्रा ने डा. सिंह को शाल ओढ़ाकर व प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में अधिष्ठाता विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय, डा. एके शुक्ला ने सभी का स्वागत किया, जबकि डा. पीबी राव ने डा. सिंह का जीवन परिचय दिया। कार्यक्रम के अंत में निदेशक संचार डा. नीलम भारद्वाज ने सभी अतिथियों व उपस्थित जनों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वयन, डा. संतोष यादव एवं डा. एसके कश्यप ने किया।

देवभूमि खबर

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