एसएसपी आयुष अग्रवाल की उत्तराखंड एसटीएफ से भावभीनी विदाई, शानदार कार्यकाल की कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ
देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री आयुष अग्रवाल को एसटीएफ देहरादून से स्थानांतरण के बाद भावभीनी विदाई दी गई। एसटीएफ के कार्यालय में आयोजित विदाई समारोह में श्री आयुष अग्रवाल को एसटीएफ के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने सम्मानपूर्वक विदाई दी।
श्री आयुष अग्रवाल ने 5 नवंबर 2022 को एसटीएफ की कमान संभाली थी और इस दौरान उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया, साइबर अपराधों का पर्दाफाश हुआ, और राज्य की कई बड़ी आपराधिक गतिविधियों को विफल किया गया।
श्री आयुष अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान, एसटीएफ ने 83 दुर्दांत और शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा। इन अपराधियों में कई महत्वपूर्ण इनामी अपराधी शामिल थे, जिनमें से 8 अपराधियों की इनामी राशि 2 लाख रुपये या उससे अधिक थी। इनमें कुख्यात गैंगस्टर सुनील राठी के खिलाफ की गई कार्रवाई भी प्रमुख थी।
आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए श्री आयुष अग्रवाल ने साइबर अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई की। उनके कार्यकाल में 190 साइबर अपराधियों को पकड़ा गया और जेल भेजा गया। इसके अलावा, एसटीएफ ने 76 फर्जी वेबसाइटों को बंद करवाया, जो चार धाम हेली सेवा के नाम पर धोखाधड़ी कर रही थीं।
एसटीएफ ने उत्तराखंड में होने वाली विभिन्न परीक्षाओं में हो रही धांधलियों का पर्दाफाश किया। इसमें वन दरोगा ऑनलाइन भर्ती परीक्षा, फोरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा, वन्य जीव संस्थान देहरादून में मल्टी टास्किंग स्टाफ की परीक्षा, और आईलेट्स (IELTS) की परीक्षा में हो रही धांधली शामिल हैं। इन परीक्षाओं में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई।
यूएसएसएससी (उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) भर्ती घोटाले के मामले में भी एसटीएफ ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की। इस घोटाले में संलिप्त 10 अपराधियों की 19 करोड़ 78 लाख 41 हजार रुपये की संपत्ति को कुर्क किया गया।
उत्तराखंड को ड्रग्स मुक्त बनाने के मुख्यमंत्री के अभियान के तहत, श्री आयुष अग्रवाल के नेतृत्व में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने 106 बड़े ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 28 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के ड्रग्स, स्मैक, चरस, गांजा, अफीम, एमडी, और नशीले इंजेक्शन बरामद किए।
फाइनेंशियल फ्रॉड यूनिट के अंतर्गत भी एसटीएफ ने ठोस कार्रवाई की। इस दौरान समाचार पत्रों में प्रकाशित लुभावने लोन और मोबाइल टावर लगाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों पर शिकंजा कसा गया। इसके तहत 231 मोबाइल नंबर और 259 कंपनियों की जांच की गई, जो धोखाधड़ी में संलिप्त थीं।
अपने मृदुल व्यवहार और तेज-तर्रार कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले श्री आयुष अग्रवाल का अब स्थानांतरण टिहरी जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के पद पर किया गया है। एसटीएफ में उनके द्वारा किए गए कार्यों को एक मील का पत्थर माना जा रहा है और यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में उनके द्वारा की गई ये कार्रवाइयाँ राज्य में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाएंगी।
उनकी विदाई पर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके उत्कृष्ट योगदान की सराहना की और उन्हें उनके नए पद के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक श्री चन्द्र मोहन सिंह, पुलिस उपाधीक्षक श्री आर०बी० चमोला, और एसटीएफ की विभिन्न यूनिटों के निरीक्षक, उपनिरीक्षक और अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

