नकली दवाओं के नेटवर्क पर एसटीएफ का बड़ा प्रहार, पंजाब से मेडिकल स्टोर मालिक गिरफ्तार; अब तक 5 गिरफ्तारी
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नकली ब्रांडेड दवाओं के निर्माण और वितरण में लिप्त संगठित गिरोह के खिलाफ कार्रवाई को और तेज कर दिया है। जीवन रक्षक दवाओं की हूबहू नकल बनाकर उन्हें विभिन्न राज्यों में बेचने वाले नेटवर्क के पांचवें सदस्य को पंजाब से गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री और डीजीपी के निर्देश पर चल रही इस अभियान में एसटीएफ अब पूरे गिरोह की कुंडली तैयार कर उसे नेस्तनाबूद करने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रही है।
दवा कंपनियों की नकली दवाओं को बाजार में खपाने वाले गिरोह के विरुद्ध एसटीएफ की ताबड़तोड़ कार्यवाहियों के क्रम में अब मेडिकल स्टोर संचालक पंकज शर्मा को ज़िरकपुर (पंजाब) से गिरफ्तार किया गया है। एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर के अनुसार, यह गिरफ्तारी 1 जून 2025 को नकली रैपर, लेबल, क्यूआर कोड और भारी मात्रा में आउटर बॉक्स के साथ पकड़े गए आरोपी संतोष कुमार की निशानदेही और लगातार गहन जांच के बाद संभव हो सकी।
पूर्व में इस गिरोह के चार सदस्यों — संतोष कुमार, नवीन बंसल, आदित्य काला और देवी दयाल गुप्ता — को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरोह के मास्टरमाइंड नवीन बंसल ने पूछताछ में खुलासा किया था कि वह नकली दवाएं पंचकूला हरियाणा स्थित ‘नोबल फार्मेसी/लाइफ साइंसेज’ के संचालक पंकज शर्मा को भेजता था, जो उन्हें आगे विभिन्न राज्यों में वितरित करता था।
पंकज शर्मा ने पूछताछ में बताया कि वह नकली दवाएं राजस्थान निवासी नवीन बंसल और अन्य से खरीदता था और उन्हें नोएडा, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों में बेचता था। वह अपनी रजिस्टर्ड एंबुलेंस (CH 01T 3977) में इन नकली दवाओं को ले जाकर विभिन्न मेडिकल स्टोरों तक पहुंचाता था, ताकि पुलिस या ड्रग कंट्रोल विभाग को शक न हो। इस तरह वह न केवल टैक्स चोरी करता था, बल्कि जीवन रक्षक दवाओं की नकल बेचकर भारी मुनाफा भी कमाता था।
एसटीएफ की टीम अब पंकज शर्मा के नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों और कंपनियों की पहचान में जुटी है। उसकी गिरफ्तारी ज़िरकपुर के ढाकोली थाना क्षेत्र से की गई। वह मूलतः ग्राम केड़ा खुर्द, तहसील जगाधरी, ज़िला यमुनानगर (हरियाणा) का निवासी है और वर्तमान में न्यू जनरेशन अपार्टमेंट, जिरकपुर, पंजाब में रह रहा था।
पुलिस अन्य राज्यों से पंकज शर्मा के आपराधिक इतिहास की जानकारी भी जुटा रही है। उत्तराखंड एसटीएफ ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। नकली दवाओं का यह अंतरराज्यीय नेटवर्क आम जनस्वास्थ्य के लिए खतरा बनने के साथ-साथ राजस्व को भी बड़ा नुकसान पहुंचा रहा था, जिसे लेकर सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कठोर कार्रवाई जारी है।

