ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश , एक गिरफ्तार
अल्मोड़ा ।देवभूमि खबर। एसएसपी पी रेणुका देवी के निर्देशन में अल्मोड़ा पुलिस ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए एटीएम से ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने सर्विलांस के द्वारा धोखाधड़ी करने वाले गैंग के एक सदस्य को यूपी के गौंडा से गिरफ्तार किया है, जबकि गैंग का मास्टरमांइड और एक अन्य अभियुक्त अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। दोनों साईबर अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने यूपी, हरियाणा, राजस्थान राज्यों में कई जगहों पर दबिश दे रही है।
रविवार को पुलिस कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान एसएसपी पी रेणुका देवी ने बताया कि विगत दिनों पांडेखोला निवासी किरण साह ने एसबीआई बैंक में एक लाख चौरासी हजार रूपये की धोखाधड़ी की तहरीर अल्मोड़ा कोतवाली में दर्ज थी। जिस पर पुलिस ने अज्ञात के नाम पर मुकदमा पंजीकृत किया था। उन्होंने बताया कि इसका विवेचन साईबर सैल द्वारा किया जा रहा था। कहा कि सीसीटीवी फुुटेज और सर्विलांस पर खंगालने पर धोखाधड़ी के लिंक उत्तरप्रदेश के गौंडा से मिला। सुुश्री रेणुका ने कहा कि सुरागों के आधार पर साईबर सैल टीम गौंडा में दबिश देने पहुंची। उन्होेंने कहा कि टीम ने धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के एक सदस्य राहुल त्रिपाठी (34) पुत्र चंद्र प्रकाश त्रिपाठी निवासी ग्राम जागापुर पोस्ट झिलासी थाना मनकापुर गौंडा से गिरफ्तार किया। अभियुक्त राहुल से टीम ने पूछताछ कर धोखाधड़ी करने वाले गैंग में शामिल अन्य लोगों के बारे जानकारी जुटाई। अभियुक्त ने बताया कि धोखाधड़ी करने वाली उनकी गैंग का मास्टरमाइंड नवनीत शुक्ला ओर शरद मिश्रा दोनों गौंडा के ही रहने वाले है। उन्होंने बताया कि अभियुक्त को न्यायालय में पेश करने के लिए रविवार दोपहर अल्मोड़ा ले आईं है। उन्होंने कहा कि अभियुक्त राहुल ने बताया कि धोखाधड़ी करने के लिए उनकी गैंग स्कीमिंग डिवाइस (क्लोनिंग स्वैप मशीन) के द्वारा एटीएम कार्ड का क्लोंिनंग तैयार करते थे। साथ ही गैंग ने बिना नंबर वाली स्विफ्ट डिजायर कार से उत्तराखंड के सितारगंज, खटीमा, चंपावत, पिथौड़ागढ़, बागेश्वर और अल्मोड़ा में आकर बैंकों के एटीएम कार्ड की क्लोंिनंग कर करीब 43 हजार निकाले थे। एसएसपी ने बताया कि क्लोनिंग करने वाली गैंग के सदस्यों द्वारा अन्य राज्यांे जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में साइबर क्रांईम की कई वारदातों को अंजाम दिया था। उन्होंने बताया कि धोखाधडी में प्रयुक्त हो रही स्कीमिंग डिवाइस और निकाले गए रूपये फरार चल रहे अभियुक्तों पास बताए जा रहे है। अभियुक्त राहुल के पास से पुलिस ने एक बिना नंबर की स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की है। तीनों अभियुक्तों पर गौंडा के मनकापुर थाना में वर्ष 2015 में धोखाधड़ी करने की प्राथमिकी भी दर्ज है। उन्होंने कहा कि जल्द ही गैंग के फरार चल रहे दोनों अभियुक्तों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि गैंग का पर्दाफाश करने वाली साईबर टीम में निरीक्षक हरेन्द्र चौधरी, आरक्षी त्रिलोक सिंह, संदीप ंसिंह, दिनेश नगरकोटी, हेमन्त कुमार, दीपक खनका शामिल रहे। उक्त टीम को एसएसपी ने 2500 रूपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की है।
साइबर ठगी करने वाले गैंग के पकड़े गए अभियुक्त से पूछताछ में पुलिस को कई चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। अभियुक्त ने बताया कि एटीएम के बाहर उनके गैंग के सदस्य लोगों की मदद करने के नाम पर सबसे पहले उनका भरोसा जीतते थे। फिर एटीएम कार्ड को अपनी स्कीमिंग डीवाइस के द्वारा जल्द की ंस्वैप कर लेते थे। उपभोक्ता से बातों-बातों में चालाकी से उनका पिन नंबर को जान लेते थे। बाद में स्कीमिंग मशीन से संबंधित एटीएम का क्लोन तैयार कर धोखाधड़ी की घटना को अंजाम देते थे। पकड़ा गया अभियुक्त राहुल केवल दसवीं पास है। जबकि गैंग का मास्टरमाइंड नवनीत एमए और बीएड है। तो तीसरा अभियुक्त शरद शुक्ला ग्रेजुएट है। सभी पेशवर साइबर अपराधी गैंग बनाकर उपभोक्ताओं की मंेहनत की कमाईं पर डाका डाल बड़े-बड़े शॉपिंग मॉलों में पैसा खर्च करते थे। एसएसपी पी रेणुका ने बताया कि पांडेखोला निवासी किरण साह एटीएम धोखाधड़ी के बारे में कुछ बता नहीं पाईं थी, लेकिन बैंक के एटीएम में लगे सीसीटीवी फुटेज एवं सर्विलांस धोखाधड़ी करने वाले गैंग को पकड़ने में काफी कारगर साबित हुआ। उन्होंने बताया कि शातिर ठगों को पकड़ने के लिए पुलिस के पास ना तो कोई मुखबिर की सूचना थी और न ही यहां कोई पहचान ही।
