झड़ीपानी-राजपुर क्षेत्र में जिला प्रशासन और जियोलॉजिकल सर्वे टीम का निरीक्षण, स्थानीयों से मिलकर समझी पीड़ा
मसूरी।झड़ीपानी क्षेत्र में जिला प्रशासन और जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने सर्वेक्षण किया। टीम ने ड्रोन से पूरे इलाके का वीडियो शूट कर हालात का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं और पीड़ा को समझा। टीम ने आश्वासन दिया कि प्रभावित परिवारों को शीघ्र ही राहत प्रदान की जाएगी।
झड़ीपानी-राजपुर-मकडेट क्षेत्र में आई आपदा ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि यह क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील है। इतिहास भी इसका प्रमाण देता है—अंग्रेजों के समय जब मसूरी तक रेल लाने का प्रयास किया गया था तो राजपुर मार्ग पर कई बार सुरंगें ध्वस्त हुईं और मजदूरों की मृत्यु हुई, जिसके कारण रेलवे लाइन मसूरी तक नहीं पहुंच सकी।
विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक वर्षा के साथ-साथ सड़कों के चौड़ीकरण और पहाड़ों के कटाव ने इनकी तलहटी को कमजोर किया है, जिससे भूस्खलन की घटनाएं और बढ़ गई हैं। इसके अतिरिक्त, बड़े पैमाने पर हो रही प्लॉटिंग ने भी मजबूत पहाड़ों को कमजोर कर दिया है। यही कारण है कि राजपुर और झड़ीपानी क्षेत्र बार-बार आपदा की चपेट में आ रहे हैं।
