जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख बनने में खर्च हो रहे करोड़ों की हो जांच : रघुनाथ सिंह नेगी
विकासनगर।आयकर विभाग को पंचायत चुनाव में शामिल हो रहे संभावित जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों पर भी नजर रखनी चाहिए। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष और जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकार वार्ता में यह बात कही। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च करके पद हासिल करने वाले इन प्रत्याशियों के पास इतना धन आखिर आ कहां से रहा है, यह एक गंभीर सवाल है।
नेगी ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के लिए 10 से 20 करोड़ रुपये और ब्लॉक प्रमुख बनने के लिए 5 से 7 करोड़ रुपये तक खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यह काला धन किससे और कैसे कमाया गया है।
उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति करोड़ों रुपये खर्च कर किसी पद पर पहुंचता है, तो वह पदभार संभालते ही वसूली में लग जाता है। यही कारण है कि विकास कार्यों में लूट-खसोट शुरू हो जाती है। योजनाओं के नाम पर धन आहरित कर लिया जाता है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं दिखता।
नेगी ने कहा कि आयकर विभाग केवल व्यापारियों और उद्योगपतियों पर छापेमारी कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है, जबकि इन भ्रष्ट नेताओं पर कार्रवाई से कतराता है। उन्होंने कहा कि ये नेता लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों के कार्यकालों की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए। यह देखा जाना चाहिए कि करोड़ों रुपये की योजनाएं कागजों तक ही क्यों सीमित रहीं।
मोर्चा का कहना है कि अधिकांश नेता करोड़ों रुपये खर्च कर कुर्सी हासिल करते हैं और फिर उस पैसे की भरपाई के लिए जनता की गाढ़ी कमाई को लूटते हैं। ऐसे भ्रष्ट नेता जेल की सलाखों के पीछे होने चाहिए।
जन संघर्ष मोर्चा ने आयकर विभाग से अपील की है कि वह ऐसे प्रत्याशियों पर शिकंजा कसे और सरकार इन नेताओं के कार्यकाल की विस्तृत जांच कराए।
पत्रकार वार्ता में विजयराम शर्मा, दिलबाग सिंह और प्रमोद शर्मा भी उपस्थित रहे।

