UKSSSC पेपर लीक प्रकरण: असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन निलंबित, अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ
देहरादून।उत्तराखण्ड शासन ने स्नातक स्तरीय पदों की लिखित परीक्षा में गड़बड़ी और आयोग की शुचिता भंग करने के आरोप में श्रीमती सुमन, असिस्टेंट प्रोफेसर (इतिहास), राजकीय महाविद्यालय अगरोड़ा, नई टिहरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शासनादेश के अनुसार उनके विरुद्ध गंभीर अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित है।


शासन ने आदेश में कहा है कि 21 सितंबर 2025 को आयोजित परीक्षा के दौरान हरिद्वार जिले के एक परीक्षा केन्द्र से प्रश्नपत्र बाहर भेजे जाने की सूचना मिली थी। जांच में यह तथ्य सामने आया कि वर्ष 2018 से ही सुमन नामक सहायक प्रोफेसर प्रश्न बाहर भेजने वाले के संपर्क में थीं। उनके पास परीक्षा का प्रश्नपत्र पहुंचा, लेकिन उन्होंने आयोग अथवा प्रशासन को सूचित करने के बजाय इसे एक व्यक्ति बांबी पंवार को इस उद्देश्य से उपलब्ध कराया कि वह इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दे।
आयोग ने यह भी पाया कि सुमन परीक्षा में साल्वर के रूप में शामिल रहीं और गलत नीयत से पेपर सॉल्विंग में संलिप्त थीं। उन पर आयोग की गोपनीयता और निष्पक्षता को भंग करने के साथ अफवाहें फैलाने का आरोप है। इसी क्रम में थाना रायपुर में उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है।
शासन ने माना है कि शिक्षक के रूप में सुमन का यह आचरण अमर्यादित, अस्वीकार्य और राज्य सरकार एवं विभाग की छवि धूमिल करने वाला है। यह उत्तराखण्ड कर्मचारी आचरण नियमावली, 2002 का उल्लंघन है। इस कारण उत्तराखण्ड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 के तहत उन्हें निलंबित किया गया है। यह निलंबन तब तक प्रभावी रहेगा जब तक अनुशासनात्मक कार्यवाही पूरी नहीं हो जाती।
निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता, अर्द्धवेतन के बराबर मिलेगा और यदि नियम अनुसार महंगाई भत्ता देय होगा तो वह भी अनुमन्य होगा। साथ ही वह उच्च शिक्षा निदेशालय, हल्द्वानी में सम्बद्ध रहेंगी और निदेशक उच्च शिक्षा के दिशा-निर्देशानुसार कार्य करेंगी।

