उच्च शिक्षा में उत्तराखंड की नई उड़ान : शिक्षा, रोजगार और डिजिटल प्रगति का संगम
देहरादून।राज्य गठन के बाद उत्तराखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। आज प्रत्येक विधानसभा और तहसील स्तर पर उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित हैं, जिससे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
राज्य में अब 11 सरकारी विश्वविद्यालय, 118 महाविद्यालय, 31 निजी विश्वविद्यालय और 238 निजी कॉलेज संचालित हैं। उच्च शिक्षा में नामांकन अनुपात 31.1 प्रतिशत से बढ़कर 41.8 प्रतिशत हो गया है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। छात्राओं की भागीदारी 60 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है।
पिछले 25 वर्षों में 100 करोड़ की पीएम उषा योजना, शिक्षकों की नियुक्तियों, नए छात्रावासों और डिजिटलाइजेशन से संस्थान सशक्त बने हैं। समर्थ पोर्टल से प्रवेश, परीक्षा और छात्रवृत्तियाँ ऑनलाइन हो चुकी हैं।
राज्य सरकार ने एनईपी-2020 को प्रभावी ढंग से लागू किया है। अब तक 26.68 लाख छात्रों की एबीसी आईडी बनाई जा चुकी है। शिक्षकों को आईआईएम, आईआईएससी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
रोजगार और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत 1000 छात्र स्टार्टअप शुरू कर चुके हैं। उच्च शिक्षा संस्थानों में वर्चुअल लैब, फाइनेंशियल ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित न रहे, बल्कि युवाओं को ज्ञान के साथ आत्मनिर्भरता और रोजगार के अवसर प्रदान करे।”
