डॉ धन सिंह रावत ने कुल्याणी गांव में काश्तकारों को 1500 सेब के पेड़ वितरण कर एप्पल गांव किया घोषित
पौड़ी।प्रदेश के उच्च शिक्षा, सहकारिता, दुग्ध विकास, प्रोटोकॉल (स्वतन्त्र प्रभार) मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज कुल्याणी गांव में काश्तकारों को 1500 सेब के पेड़ वितरण कर विकास खण्ड पाबौं का पहला एप्पल गांव घोषित किया। सेब के पेड़ की सौगात से काश्तकारों के उद्यानों में दो वर्ष के भीतर लकदक होगी सेब की फसल। मंत्री डाॅ. रावत की इस दूरगामी सौगात से काश्तकारों के चेहरे खिल उठे। ग्रामीणों ने पारम्परिक वाद्य यंत्रो से मंत्री का स्वागत अभिनन्दन किया।
इसके उपरान्त मा. मंत्री डाॅ. रावत ने आई एम विलेज के तहत ग्रामीणों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ विकास योजना को लेकर बैठक कर ग्रामीणों से सुझाव भी लिये। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीणों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की लाभ लेने को कहा।
मा. मंत्री डाॅ. रावत ने अपने विधान सभा क्षेत्र के तीन दिवसीय भ्रमण के तहत आज पाबौ पहंुचकर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पाबौ में कक्ष-कक्षाओं का लोकार्पण किया। तत्पश्चात् कोठला में पूर्व शिक्षा मंत्री (उत्तरप्रदेश सरकार)स्व. डॉ. शिवानंद नौटियाल के स्मारक के निर्माण संबंध में संस्कृति शिक्षा लोनिवि पाबौ एवं कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। तत्पश्चात् कुल्याणी में एकीकृत कृषि योजना का शुभारंभ कर ग्रामीणों काश्तकारों को 1500 सेब के पेड़ वितरित कर एप्पल गांव घोषित किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारी को सेब की बागवानी विकसित करने हेतु हर सम्भव कार्य करने के निर्देश दिये। स्वच्छता अभियान के तहत उन्होंने ग्रामीण परिवारों को दो-दो डस्टबिन वितरित किये। साथ ही कुल्याणी में पंचायत सेवा केंद्र का लोकार्पण भी किया। तत्पश्चात् उनके द्वारा बुरांसी में बहुउद्देशीय पंचायत घर का शिलान्यास तथा विधायक निधि से निर्मित कोठा चैक सौंन्दयीकरण का लोकार्पण, उत्तराखण्ड औद्योनिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार गेट के समीप यात्री शेड का शिलान्यास तथा कफल्ड में विधायक निधि से निर्मित पंचायत भवन का लोकार्पण कर क्षेत्र वासियों को विकास की सौगात दी।
इस मौके पर मुख्य कृषि अधिकारी डी.एस. राणा, मुख्य उद्यान अधिकारी डाॅ. नरेन्द्र सिंह सहित संबंधित जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं ग्रामीण मौजूद थे।

