प्रधानमंत्री मोदी चीन के कोरोना के ख़िलाफ़ सांसद मे बिल पारित करे: इं० डीपीएस रावत

प्रधानमंत्री मोदी चीन के कोरोना के ख़िलाफ़ सांसद मे बिल पारित करे: इं० डीपीएस रावत
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पौड़ी। लोकसहिंता प्रतिनिधि सतपुली एवं गढ़वाल संसदीय क्षेत्र पूर्व लोकसभा प्रत्याशी इं० डीपीएस रावत ने प्रधानमंत्री मोदी की चीन के कोरोना के ख़िलाफ़ अभी तक मौन रहने पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि कंही ना कंही कोई राज है जो पीएम मोदी छुपा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी बड़े देश अमेरिका, जापान ऑस्टेलिया ब्राजील बहुत से देश कोरोना के खिलाफ एक जुट होकर आवाज उठा रहे हैं।लेकिन भारत मौन है।

प्रेस को जारी विज्ञप्ति मे इं० डीपीएस रावत ने कहा कि कोरोना काल से देश की जीडीपी रोजगार पर बहुत बड़ा असर पड़ा इसका नुकसान तो आम आदमी / देश को ही उठाना पड़ रहा है। जिससे कि आम जनता के टैक्स का पैसा बर्बाद हो रहा है। केन्द्र और राज्यो की गलत नीतियो से देश बर्बादी की कगार पर है। पिछले 60 के दशकों से स्वास्थ्य पर किसी भी सरकार ने कोई ठोस नीति पर काम नही किया है। आज स्वास्थ्य पर केन्द्र और राज्य सरकारें फोकस करती तो शायद देश मे कोरोना से लोग इतनी बेमौत नही मरते।

इं० डीपीएस रावत ने कहा कि अभी हाल ही मे दिल्ली मे एक विधायक ने 900 ऑक्सीजन के सिलैंडर को ब्लैक मे देने के लिये अपने फार्म हॉउस मे जमा किये थे। ठीक वही बिहार मे एम्बुलेंस की गाड़ियां छुपा कर रखी थी ।
उत्तराखण्ड की बात की जाय तो आज पहाड़ो के सभी जिलों व ब्लॉकों के सरकारी अस्पताल की इतनी बुरी दुर्गति है कि कंही भी इमरजेंसी के लिये कोई संसाधन उपलब्ध नही है। दिल्ली, देहरादून के अस्पताल का ही रुख करना है तो सरकारी अस्पताल केवल घोटाले के लिये ही खोल रखे है।
आज सुबह पौड़ी के नजदीक गडोली गावँ मे किसी बच्चे को चोट लगने से पौड़ी जिला मुख्यालय अस्पताल लाया गया जहां बच्चे के सिर पर टांके लगाने के लिये भी सामान मौजूद नही था। बाद मे श्रीनगर रेफेर किया गया जहां भी बड़ी मुश्किल से उसका इलाज हो पाया। वही हाल ऐम्स ऋषिकेश का है। आम पहाड़ी जनता को तो जगह नही मिलती हैं, और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर , मुजफ्फरनगर, विजनौर नजीबाबाद नगीना, जिलों के लोगो की इतनी बड़ी भीड़ होती हैं कि आम उत्तराखण्ड के लोगों को घण्टों लाईन मे लगना पड़ता हैं। उत्तराखंड में एम्स के बनने से आम उत्तराखंडी को कोई फायदा नही हो रहा है। इस हॉस्पिटल को पहाडों मे बनना चाहिये था श्रीनगर जैसे एरिया मे जिससे कि आम पहाड़ी जनता को लाभ मिलता।सरकार स्वास्थ्य के नाम पर हर साल करोड़ो रुपयों का बजट निकलती हैं पर नेताओ की मिली भगत से बजट घोटाले के भेट चढ़ जाता हैं और आम लोगो को केवल दर दर भटकने पर मजबूर होना पड़ता हैं और पिछले 20 साल से यही हो रहा है।

देवभूमि खबर

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