पर्यटन योजना में जिला स्तरीय चयन समिति की बैठक में साक्षात्कार के माध्यम से लाभार्थियों का चयन

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चमोली।वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना, दीनदयाल गृह आवास(होम स्टे) विकास योजना तथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत क्लेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिला स्तरीय चयन समिति की बैठक में साक्षात्कार के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया गया।

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में विभिन्न योजनाओं के तहत प्राप्त आवेदनों का साक्षात्कार के दौरान गहराई से परीक्षण करते हुए योग्य लाभार्थियों के चयन की संस्तुति की गई। वीर चन्द्र सिंह गढवाली योजना के तहत वाहन मद में 08, गैर वाहन मद में 03 तथा दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास(होम स्टे) के तहत 12 लाभार्थियों का चयन किया गया। वाहन मद में 10 तथा होम स्टे के लिए 14 लोग साक्षात्कार में शामिल हुए थे। वीर चन्द्र सिंह गढवाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत वाहन मद में व्यावसायिक वाहन खरीद के लिए 25 प्रतिशत अनुदान पर तथा गैर वाहन मद में होटल/मोटल, फास्टफूड सेन्टर, वर्कशाॅप, वोटिंग, एगलिंग आदि हेतु 33 प्रतिशत अनुदान पर 40 लाख की सीमा तक ऋण स्वीकृत किया जाता है।
जिलाधिकारी ने वीर चन्द्र सिंह गढवाली पर्यटन स्वरोजगार के तहत चयनित लाभार्थियों के साथ पर्यटन स्थलों, होम स्टे एवं अन्य संचालित योजनाओं की जानकारी भी शेयर करने के निर्देश दिए। ताकि वाहन मद में चयनित लाभार्थी पर्यटकों को जिले के टूरिस्ट स्थलों एवं होम स्टे तक पहुॅचाकर होम स्टे संचालित करने वाले लाभार्थियों को भी फायदा पहुॅचा सके। इसके अलावा जिलाधिकारी ने होम स्टे, होटल, मोटल निर्माण हेतु नक्शा पास कराने के लिए चयनित लाभार्थियों की सूची शीघ्र एसडीएम को भी उपलब्ध के निर्देश दिए।
वही दूसरी ओर जिला स्तरीय टास्कफोर्स समिति द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम(पीएमईजीपी) के तहत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमो की स्थापना के इच्छुक लाभार्थियों का भी साक्षात्कार के माध्यम से चयन किया गया। जिले में विभिन्न उद्यमों की स्थापना हेतु जिला उद्योग केन्द्र एवं खादी ग्रामाद्योग को प्राप्त 84 आॅनलाइन आवेदन समिति के समक्ष रखे गए। समिति ने साक्षात्कार के माध्यम से प्राप्त आवदनों का गहराई से परीक्षण करते हुए 64 आवेदनों के सापेक्ष लगभग 3.65 करोड़ धनराशि का ऋण स्वीकृति हेतु सहमति दी। साक्षात्कार में 02 आवेदन निरस्त किए गए, जबकि 18 आवेदनकर्ता साक्षात्कार में शामिल नही हुए। पीएमईजीपी के तहत जिले में सिलाई, बुनाई, रेडीमेड गारमेंन्टस, डीजे-टैन्ट हाउस, हथकरघा-हस्तशिल्प, रेस्टोरेंट, आटा चक्की, ढाबा, होटल, बेकरी, फोटोशाॅप, व्यूटी पार्लर आदि उद्यमों की स्थापना के लिये आवेदन किए गए।
जिलाधिकारी ने बैकर्स को स्वीकृत आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए ऋण आवंटित करने के निर्देश भी दिए। कहा कि पीएमईजीपी का उदेश्य नई स्वरोजगार उपक्रमों, परियोजनाओं, सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना करते हुए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन लोगों का चयन किया गया है उनको फोन से भी जानकारी दी जाए। ताकि समय से सभी लाभार्थी कार्य प्रारम्भ कर सके।
जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक डा. एमएस सजवाण ने बताया कि पीएमईजीपी भारत सरकार का सब्सिडी युक्त कार्यक्रम हैं। पीएमईजीपी के तहत आवेदक को उद्यम की लागत का 5 प्रतिशत अपने अंशदान के साथ शहरी क्षेत्रों में केन्द्र सरकार से 25 प्रतिशत अनुदान तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 35 प्रतिशत अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाती है। बताया कि व्यवसाय/सेवा क्षेत्र के तहत परियोजना/इकाई की अधिकतम स्वीकार्य राशि 10 लाख रूपये है तथा विनिर्माण क्षेत्र के तहत परियोजना/इकाई की अधिकतम स्वीकार्य राशि 25 लाख रूपये तक है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे, जीएम डीआईसी डा0 एमएस सजवाण, जिला पर्यटन विकास अधिकारी बृजेन्द्र पांडे, एलडीएम गब्बर सिंह रावत, नेहरू युवा केन्द्र के जिला समन्वयक योगेश धसमाना, एआरटीओ आल्विन राॅक्सि, एई शरद टम्टा सहित समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।

देवभूमि खबर

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