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उत्तराखण्ड को श्रेष्ठ राज्य बनाने में नाबार्ड का महत्वपूर्ण सहयोग रहेगा: धामी

उत्तराखण्ड को श्रेष्ठ राज्य बनाने में नाबार्ड का महत्वपूर्ण सहयोग रहेगा: धामी
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देहरादून । मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नाबार्ड द्वारा आयोजित ‘स्टेट क्रेडिट सेमिनार’ में स्टेट फोकस पेपर का विमोचन करते हुए कहा कि राज्य की विकास यात्रा हम सभी की सामूहिक यात्रा है। इसमें सभी को पूरी तत्परता से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को श्रेष्ठ राज्य बनाने में नाबार्ड का महत्वपूर्ण सहयोग रहेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से वर्ष 2025 में उत्तराखण्ड को प्रत्येक क्षेत्र में श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रदेश के विकास में नाबार्ड का महत्वपूर्ण योगदान है। आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं के माध्यम से सड़कों, भण्डारण व्यवस्था, पेयजल, सिंचाई आदि में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी विकास नीति का लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। छोटे किसानों और आम व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिले। खेती, बागवानी, उद्योगों में नवाचार की जरूरत है। नई तकनीक को अपनाना होगा।

इस अवसर पर केबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, सचिव श्री आर मीनाक्षी सुंदरम, आरबीआई के क्षेत्रिय निदेशक श्री राजेश कुमार, भरसार विश्वविद्यालय के वीसी प्रो.अजीत कुमार कर्नाटक उपस्थित रहे।

होम स्टे इसी प्रकार की बेस्ट प्रैक्टिस है उसके एक और हमारे युवाओं को रोजगार मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर देश विदेश के लोग उत्तराखंड संस्कृति से परिचित हो रहे हैं। होमस्टे इकोलॉजी और इकॉनॉमी में दोनों में समन्वय का अच्छा उदाहरण है ।योजनाएं बहुत सारी है परंतु इसका आउटकम तभी मिलेगा जबकि सामान्य से सामान्य व्यक्ति को इनकी की पूरी जानकारी हो ।नावार्ड के मुख्य महाप्रबंधक अरुण प्रताप दास ने कहा कि नाबार्ड ग्रामीण समृद्धि सुनिश्चित करने के अपने जनादेश के अनुरूप कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सभी विधायकों को शामिल करते हुए से भागी और परामर्शी दृष्टिकोण अपनाकर हर साल देश के प्रति जिले के लिए संभावित लिंग क्रेडिट प्लान (पीएलपी) तैयार करता है।

पीएलपी राज्य के प्रत्येक जिले के लिए प्राथमिकता क्षेत्र के भीतर कृषि संबंध और अन्य क्षेत्रों में अक्षमता का अनुमान प्रदान करती है ।यह अनुमान जिला स्तर पर अग्रणी बैंकों और राज्य स्तर पर एसएलबीसी के लिए वार्षिक ऋण योजना एसीपी तैयार करने के लिए एक आधार के रूप में काम करते हैं ।स्ट्रीट फोकस पेपर (पीएलपी) के परिणामों की परिणति है जिसमें सभी जिलों की संभावनाओं और अनुमानों को समग्र रूप से राज्य के लिए एक संबंधित दस्तावेज में शामिल किया गया है।

देवभूमि खबर

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