केदारनाथ की तर्ज पर गौरीकुण्ड में भी निर्माण कार्य होने चाहिये:अशोक खत्री

रुद्रप्रयाग।देवभूमि खबर। बद्री-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष अशोक खत्री ने कहा कि केदारनाथ महाप्रलय से गौरीकुण्ड को भारी नुकसान हुआ है और महाप्रलय के छह साल बाद भी गौरीकुण्ड में कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ है। केदार यात्रा का मुख्य पड़ाव गौरीकुण्ड होने के बाद भी तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने यहां की उपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ की तर्ज पर गौरीकुण्ड में भी निर्माण कार्य होने चाहिये।
दो दिवसीय भव्य गौरी महोत्सव के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बद्री-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष अशोक खत्री ने कहा कि केदारनाथ महाप्रलय के दौरान गौरीकुण्ड की जनता एवं व्यापारियों ने लाखों तीर्थ यात्रियों की सेवा की है और तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने गौरीकुण्ड के विकास पर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आज भी गौरीकुण्ड में अव्यवस्थाओं का आलम छाया हुआ है। तप्त कुण्ड एवं गर्म कुण्ड का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है। घोड़ा पड़ाव की स्थिति भी बड़ी दयनीय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि गौरीकुण्ड के विकास के लिये हरसंभव प्रयास किये जाएंगे। श्री खत्री ने कहा कि केदारनाथ की यात्रा गौरीकुण्ड से शुरू होती है और केदार की तर्ज पर गौरीकुण्ड का विकास होना चाहिये। श्री खत्री ने गौरीकुण्ड व्यापार संघ के पदाधिकारियों को भरोसा दिलाया कि गौरीकुण्ड के विकास के लिये सरकार से वार्ता की जायेगी। समापन के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल के उपस्थित न होने पर बद्री-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष और बतौर मुख्य अतिथि अशोक खत्री को व्यापार संघ अध्यक्ष अरविंद गोस्वामी ने तीन सूत्रीय ज्ञापन देते हुये कहा कि गौरीमाई मंदिर एवं उमेश्वर मंदिर का निर्माण, गौरीकुण्ड मंदिर समिति के अतिथि गृह एवं मंदिर के पुजारी के लिये भवन निर्माण और गौरीकुण्ड में मंदिर समिति का धर्मशाला निर्माण किया जाना जरूरी है। श्री गोस्वामी ने कहा कि केदारनाथ महाप्रलय के छह वर्ष बाद भी बद्री-केदार मंदिर समिति ने गौरीकुण्ड में कोई भी निर्माण कार्य नहीं किये, जिससे देश-विदेश से आने वाले तीर्थ यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बद्री-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष अशोक खत्री ने कहा कि गौरीकुण्ड से केदारनाथ यात्रा का शुभारंभ होता है और मंदिर समिति गौरीकुण्ड के विकास में पूरा सहयोग देगी।
गौरीकुंड में आयोजित समारोह की दूसरी संध्या पर कार्यक्रम देने पहुंचे लोक गायक केशर सिंह पंवार ने कोदू झंगोरू साटी, छल कपट ह्वे जालु, निजांदु नेपाल जमुना स्याणी, विजय पंत ने रीता स्याणी बैंठी रैं तु आम डाल्यु का छैल मां, पंत दिता गीत लगो, पंत दिदा गीत सुणा, सुनील कोठयाल ने मेरी बामण्ी आदि गीतों की प्रस्तुतियां देकर वहां मौजूद दर्शकों को झू्रमने के लिए मजबूर किया। इस दौरान लोक गायिका कविता रावत ने गायकों के साथ युगल गीत में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा नृत्य निर्देशक विजय भारती व उनकी टीम द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक नृत्यों की प्रस्तुतियां दी गई। इस मौके पर उपाध्यक्ष सुशील गोस्वामी, सचिव प्रकाश गोस्वामी, दिर्घायु गोस्वामी, व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान मायाराम गोस्वामी, कैलाश गोस्वामी सहित भारी संख्या में स्थानीय जनता एवं ग्रामीण मौजूद थे।

