राज्य की अवधारणा के अनुरूप पहाड़ी राज्य की राजधानी पहाड़ में हो: काशी
आज गैरसैण स्थाई राजधानी की माँग को लेकर आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा आमरण अनशन पर प्रवीण काशी दूसरे दिन भी डटे रहे। प्रवीण काशी ने कहा कि आंदोलनकारियों की माँग है कि एक राज्य एक राजधानी हो। छोटे से राज्य में दो दो राजधानी मंज़ूर नहीं है। राज्य की अवधारणा के अनुरूप पहाड़ी राज्य की राजधानी पहाड़ में हो। भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार जहां राज्य में दो दो एम्स होंने चाहिए अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएँ होनी चाहिए अच्छी शिक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए रोज़गार होना चाहिए न बल्कि दो-दो राजधानी हो। युवा संयोजक मदन भण्डारी ने कहा कि पहाड़ों में हो रहे पलायन का मुख्य कारण ही राज्य की राजधानी एक कोने पर होना है। लगातार माँग उठाने के बावजूद भी सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। महिला मंच की अध्यक्षा कमला पंत ने कहा कि सरकार की घोषणा के अनुसार शीतकालीन सत्र गैरसैण में होना सुनिश्चित हुआ था लेकिन ठंड के कारण सरकार ने सत्र को देहरादून में कर फिर से यह दर्शाया है कि सरकार पहाड़वासियों और पहाड़ों के प्रति संवेदनशील नहीं है। अरविंद हटवाल ने कहा कि सरकार अगर गैरसैण को स्थाई राजधानी नहीं घोषित करती है तो एक व्यापक आंदोलन लगातार चुनाव होने तक सरकार के ख़िलाफ़ आंदोलनकारी जारी रखेंगे।
अनशन में गैरसैण राजधानी निर्माण अभियान के युवा संयोजक मदन भण्डारी, वेरोजगार संघ के अध्यक्ष बाँबी पंवार, महिलामंच की अध्यक्षा कमला पंत, निर्मला बिष्ट,पूर्व पार्षद कर्णप्रयाग अनीता नेगी, भुवनेश्वरी कठैत, सरला रावत, विजया नैथानी ,राजबाला , हेमलता नेगी ,अरविंद हटवाल, शशांक अग्रवाल, अमित नेगी, रविंद्र प्रधान ,दिनेश बिष्ट, एस पी धस्माना आदि लोग उपस्थित रहे।

