चारधाम यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद, CM धामी की निगरानी में हो रहे अहम कार्य
उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। विशेष रूप से यमुनोत्री और गंगोत्री धाम एवं यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए आवश्यक धनराशि स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री स्वयं इन कार्यों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में बाढ़ सुरक्षा कार्यों और घाटों की मरम्मत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। साथ ही, यात्रा मार्गों को सुचारू बनाए रखने के लिए भी इस बार महत्वपूर्ण कार्य कराए जा रहे हैं। यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर लगभग ₹38 करोड़ और गंगोत्री यात्रा मार्ग पर ₹40 करोड़ की लागत के कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
यमुनोत्री धाम में बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए ₹17.32 करोड़, जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम पैदल मार्ग पर सुधार कार्यों हेतु ₹1.48 करोड़, फूलचट्टी से जानकीचट्टी मोटर मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹2.18 करोड़, खरसाली गांव में पार्किंग स्थल और मोटर मार्ग निर्माण पर कुल ₹1.79 करोड़ तथा यमुनोत्री धाम क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु ₹1.01 करोड़ की लागत से कार्य किए जा रहे हैं। इसके अलावा यात्री सुविधाओं के लिए हाईटेक शौचालय, पेयजल व्यवस्था, रेन शेड व अन्य सुविधाओं पर ₹4.8 करोड़ का व्यय किया जा रहा है। यात्रा मार्ग में पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा के लिए घोड़ा-खच्चर बैज व हेलमेट की व्यवस्था भी की गई है।
गंगोत्री धाम में घाटों की मरम्मत और बाढ़ सुरक्षा हेतु ₹9 करोड़, निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए ₹2.67 करोड़, गंगोत्री मार्ग पर शौचालय निर्माण और मरम्मत के लिए ₹40.5 लाख, हर्षिल को यात्रा के मुख्य पड़ाव के रूप में विकसित करने हेतु ₹72 लाख की लागत से स्मार्ट टॉयलेट, हर्षिल-बगोरी में बाढ़ सुरक्षा हेतु ₹57.32 लाख की लागत से तटबंधों का निर्माण और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के संकरे हिस्सों को सुधारने और डामरीकरण हेतु ₹17 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।
चारधाम यात्रा की निगरानी के लिए ₹2.4 करोड़ की लागत से स्मार्ट कंट्रोल रूम का कार्य अंतिम चरण में है। जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकांश कार्य तीव्र गति से निर्माणाधीन हैं। श्रीराम मंदिर से अखोरी पुल तक यमुना नदी के दोनों किनारों पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार यात्रा व्यवस्थाओं की प्रगति का नियमित रूप से अनुश्रवण कर यात्रा मार्गों को चाक-चौबंद किया जा रहा है।

