डीएम ने आई.एम.ए व स्थानीय लोगों से जुड़े भूमि विवादों के निस्तारण को लेकर ली बैठक  

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देहरादून।देवभूमि खबर। जिलाधिकारी सी रविशंकर की अध्यक्षता में मिट्टी बेहड़ी (प्रेमनगर) में आई.एम.ए और स्थानीय लोगों से जुड़े भूमि विवादों के निस्तारण तथा कोल्हू पानी में आई एम ए को भूमि हस्तान्तरण के सम्बन्ध में सिंचाई विभाग, उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम, राजस्व विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। जिलाधिकारी ने मिट्ठी बेहड़ी की भूमि के बदले कोल्हू पानी में आईएमए को आवन्टित भूमि हस्तान्तरण के सम्बन्ध में सिंचाई विभागको वहां बनाये जाने वाले पुश्ता निर्माण और विद्युत विभाग को हाईटेंशन लाईन के शिफ्टिग-स्थानान्तरण के सम्बन्ध में भौतिक निरीक्षण करते हुए ग्राउण्ड स्तर पर किये जाने वाले कार्यों और उसमें आने वाले खर्च का इन्टिमेशन तैयार करते हुए प्रस्तुत करने के निर्देश दिये, ताकि आई.एम.ए को कोल्हू पानी में कब्जा दिलाने की प्रक्रिया पूरी हो सके। साथ ही आईएमए के साथ भूमि से सम्बन्धित विवादों को भी संयुक्त निरीक्षण करके स्थिति का स्पष्ट निर्धारण करते हुए सिंचाई विभाग को कार्य करने के निर्देश दिये तथा इस सम्बन्ध में यदि पूर्व निरीक्षण का भी विवरण उपलब्ध हो तो उसका भी अध्ययन करते हुए अग्रिम कार्य करने को कहा। उन्होंने इस प्रकार के प्रारम्भिक आकलन को 15 दिन के भीतर प्रस्तुत करने को कहा।
मिट्ठी बेहड़ी प्रेमनगर में राष्ट्रीय राजमार्ग, स्थानीय लोगों तथा आईएमए में भूमि विवाद के सम्बन्ध में चर्चा के दौरान जिलाधिकारी ने एन.एच के अधिकारियों से राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तारीकरण में आ रही बाधाओं तथा स्थानीय उपस्थित लोगों से राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ भूमि विवाद के सम्बन्ध में दोनों का पक्ष सुनने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे पूर्ण दस्तावेजों के साथ पूर्व के सभी सर्वे इत्यादि साथ लेकर अपनी भूमि का स्पष्ट निर्धारण करें, जितनी भूमि पर अभी भी स्थानीय लोग का कब्जा है उसका तथा कितनी भूमि प्रोजेक्ट पूरा करने (विस्तारीकरण) के लिए आवश्यकता है उसका स्पष्ट निर्धारण करें। प्रोजैक्ट पूरा करने के लिए यदि ग्राम समाज की भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता हो तो भी इस सम्बन्ध में सभी औपचारिकताएं पूरी करें। इसके अतिरिक्त उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग और राजस्व विभाग के अधिारियों को भी आई.एम.ए के स्तर पर किये जाने वाले सर्वे में मौके पर उपस्थित रहने के निर्देश दिये ताकि यदि सर्वे में किसी प्रकार की अस्पष्टता आती है तो मौके पर ही उसका निस्तारण किया जा सके। साथ ही उन्होंने उपस्थित स्थानीय लोगों से भी स्पष्ट तौर पर कहा कि यदि काबिज भूमि किसी तरह से राष्ट्रीय राजमार्ग की निकलती है तो वहां से कब्जा हटाना ही होगा ओर अतिक्रमण हटाने के लिए न्यायालय के भी स्पष्ट निर्देश है, जिनका सख्ती से पालन किया जायेगा। उन्होंने सभी सम्बन्धित विभागों को एकबार में ही अतिक्रमण का सही-सही चिन्हिकरण करने के लिए पूर्व के दस्तावेजों की भी सहायता लेते हुए हरहाल में स्थिति को एकदम स्पष्ट करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर अधिशासी अभियन्ता राष्ट्रीय राजमार्ग ओ.पी सिंह, तहसीलदार सदर मुकेश रमोला, व्यापार मण्डल प्रेमनगर के अध्यक्ष राजीव पुंज सहित सिंचाई, जल संस्थान, विद्युत विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

देवभूमि खबर

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