पीड़िता को डोली के सहारे 17 किलोमीटर पैदल रास्ता तय कर पहुँचाया अस्पताल
अल्मोड़ा।आजादी के 75 वर्ष के बाद भी आज पहाड़ के कई क्षेत्रों में लोग सड़क,शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर संघर्षरत हैं।जंहा सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।जनपद अल्मोड़ा के भैसियाछाना विकास खंड थिकालना ग्राम सभा के नायल नीरज जोशी पत्नी लीला जोशी को रात 11 बजे प्रसव पीड़ा हुई । पीड़ित को ग्रामीणों ने सड़क की खराब हालात के रहते डोली के सहारे 17 किमी पैदल रास्ता तय करते हुए अस्पताल पहुंचाया।जंहा लीला ने बच्चे को जन्म दिया।
खराब सड़कों की हालात से ग्रामीणों को दो चार होना पड़ रहा है।लीला जोशी की पीड़ा ज्यादा होने पर वाहन चालकों ने तिनैली मंगलता सड़क मार्ग व थिकालना जौलाबाज सड़क मार्ग की हालत को देखते मना कर दिया ।ग्रामीणों ने पैदल डोली के सहारे गर्भवती महिला लीला जोशी को छाता उड़ाते हुए 17 किलोमीटर पैदल रास्ता तय कर नुवानौला स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुँचाया।
रीठागाडी दगड़ियों संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह नेगी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि भैसियाछाना विकास खंड के ऐसे और भी गांव है जंहा लोग सड़क की दुर्दशा के शिकार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले आधी रात्रि में पतलचौरा की प्रियंका बानी ने आधे रास्ते में 7 पहले डोली की देरी होने से जंगल में ही अपने बच्चे को जन्म दिया।।
उन्होंने कहा कि अगर तिनैली मंगलता सड़क मार्ग सही ढ़ंग से बना होता आज लीला जोशी 17 किलोमीटर पैदल डोली से सुबह अस्पताल नहीं जाना पड़ता रात को उसका उपचार हो जाता ।

