नए मोटर व्हीकल एक्ट को कई बीजेपी राज्य स्वीकार करने को तैयार नही
देहरादून।यातायात नियमों को लेकर देश के कोने कोने से विरोध सुर सुनाई देने लगे हैं। कुछ राज्यों ने नए कानून को मानने से मना कर दिया है तो कुछ राज्यों ने जुर्माने में कमी की है। यातायात नियमों के उल्लंघन पर पहली बार क़ानून 1988 में बना था लेकिन उसमें जुर्माने के तौर पर बहुत अधिक रकम नहीं ली जाती थी। अब नए मोटर व्हीकल क़ानून के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने की राशि कई गुना बढ़ा दी गई है।जिससे कई राज्य इसको स्वीकार करने को तैयार नही है। बात करें भाजपा शासित राज्यों की उनमें से हरियाणा ने नए एक्ट को लागू नही किया ।मुख्यमन्त्री ने लोगों को जागरूक करने को लेकर राहत दी है। महाराष्ट्र ने नए एक्ट को लागू करने से मना कर दिया है।उत्तराखंड में व्हीकल एक्ट में आधी फीसदी की राहत दी है।गुजरात सरकार ने तो कई मामलों में जुर्माने की राशि में लगभग 90 फ़ीसदी तक की कटौती कर दी और साथ ही राज्य में नए नियमों को 16 सितंबर से लागू करने की घोषणा की।दूसरी तरफ झारखंड की बीजेपी सरकार ने भारी भरकम जुर्माना लगाए जाने पर तीन महीने की रोक लगा दीहै ।कर्नाटक ने भी लागू नही किया है। गैर बीजेपी शासित राज्यों के अलावा जहां पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस क़ानून को लागू करने से साफ़ इनकार कर दिया। कांग्रेस शासित राज्यों पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह और राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकारों ने इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। बात करें बीजेपी शासित राज्यों की तो उनमें से एक भी राज्य केंद्र में अपनी सरकार के नियमों को मानने को तैयार नही है।इससे साफ झलकता है कि केंद्र द्वारा लागू नए व्हीकल एक्ट के पूरे देश मे विरोध हो रहा है।

