हमें आजादी के बाद अब वर्तमान में अपनी सकारात्मक भूमिका को स्पष्ट रूप से तय कर लेना चाहिए :संजीव आर्य

हमें आजादी के बाद अब वर्तमान में अपनी सकारात्मक भूमिका को स्पष्ट रूप से तय कर लेना चाहिए :संजीव आर्य
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रिपोर्ट ।ललित जोशी
नैनीताल ।भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा नैनीताल क्लब परिसर के शैले हॉल में आजादी के 75 में वर्षगांठ से संबंधित “अमृत महोत्सव” पर एक दो- दिवसीय चित्र प्रदर्शनी , परिचर्चा व सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभ आरंभ किया गया जिसका उदघाटन स्थानीय विधायक संजीव आर्य ने मुख्य अतिथि के तौर पर किया और जाने-माने स्वतंत्र सेनानी दुर्गा दत्त रूबाली समारोह के विशिष्ट अतिथि रहे।

समारोह में बोलते हुए मुख्य अतिथि के तौर पर विधायक संजीव आर्य ने कहा कि अमृत का अर्थ संघर्ष के बाद का फल है, और इसलिए हमें आजादी के बाद, अब वर्तमान में अपनी सकारात्मक भूमिका को स्पष्ट रूप से तय कर लेना चाहिए। विशिष्ट अतिथि के तौर पर बोलते हुए स्वतंत्रता सेनानी व अधिवक्ता दुर्गादत्त रूबाली ने कहा कि स्वतंत्रता का महत्व वर्तमान पीढ़ी को समझने की आवश्यकता आज अधिक है।
समारोह में कुमाऊं विश्वविद्यालय के इतिहास की प्रोफेसर सावित्री कैरा ने स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को उत्तराखंड के संदर्भ में विस्तार से बताया जबकि प्रोफेसर ललित तिवारी और जाने-माने सामाजिक- राजनीतिक कार्यकर्ता व कलाकार कमलेंद्र सेमवाल और अनिल घिल्डियाल तथा कलाकार मिथिलेश पांडे ने अपने उद्बोधन में स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न पहलुओं की चर्चा की। कमलेंद्र सेमवाल ने अपने बांसुरी से राष्ट्रीय गीत पेश किया जबकि मिथिलेश पांडे ने परशुराम के एक प्रसंग को गाकर सुनाया।

देवभूमि खबर

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