संसाधन दक्षता एवं स्वच्छ उत्पादन पर कार्यशाला आयोजित
हरिद्वार।देवभूमि खबर। देहरादून और आस-पास का क्षेत्र (हरिद्वार, रुड़की एवं देहरादून) फार्मास्यूटिकल उद्योग का केंद्र है, और यहां लगभग 6,000 से भी ज्यादा एमएसएमई इकाइयां हैं, जिनमें मुख्य रूप से फार्मास्यूटिकल्स, थोक दवाओं, प्लास्टिक, एफएमसीजी, इंजीनियरिंग और पैकेजिंग की इकाईयां शामिल हैं। इस क्षेत्र में मुख्य तौर पर टैबलेट, कैप्स्युल और पीने वाली एलोपैथिक दवाओं का उत्पादन होता है। यह क्षेत्र अत्यधिक ऊर्जा गहन एमएसएमई समूहों में से एक है, जहां ऊर्जा की लागत कुल उत्पादन लागत का एक बड़ा अनुपात बनाती है और प्रौद्योगिकी उन्नयन के माध्यम से ऊर्जा बचत और स्वच्छ उत्पादन के लिए जबरदस्त गुंजाइश प्रदान करती है।
ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) एवं भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (एसआईडीबीआई) संयुक्त रूप से एक वैश्विक पर्यावरण सुविधा (जीईएफ)- विश्व बैंक परियोजना ‘एमएसएमई में ऊर्जा दक्षता वित्त’ का आयोजन कर रहे हैं। इस परियोजना के अंतर्गत प्रमुख गतिविधियों में एमएसएमई इकाईयों को तकनीकी सहायता प्रदान करना एवं विभिन्न हितधारकों में क्षमता निर्माण और जागरुकता लाना शामिल हैं। इस परियोजना की एक बड़ी उपलब्धि सन 2016-17 के दौरान देहरादून और आस पास के क्षेत्र (हरिद्वार, रुड़की एवं देहरादून) में लगभग 20 से ज्यादा एमएसएमईइकाईयों में संसाधन दक्षता उपायों की पहचान और उनके कार्यान्वयन को आगे बढ़ाने के लिए प्रदान की गई तकनीकी सहायता है। इनके कार्यान्वयन से तेल की खपत में सालाना 514 टन की कमी आई है जिससे अबतक देहरादून और आस-पास के क्षेत्र में कार्बन फुटप्रिंट में तकरीबन 65,000 टन की कमी हुई है। जिन इकाईयों ने इन उपायों पर काम किया उन सभी इकाईयों को लाभ मिल रहा है। देहरादून और आस पास के क्षेत्र (हरिद्वार, रुड़की एवं देहरादून) में एमएसएमईइकाइयों द्वारा प्रदर्शित शानदार भागीदारी के लिए प्रशंसा के प्रतीक के रूप में, बीईई और पीडब्ल्युसी ने 15 मार्च, 2019 को हरिद्वार के होटल गार्डेनिया में एमएसएमईके लिए एक अभिनंदन सह क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया है। इस कार्यक्रम काआयोजन एसआईडीसीयूएल मैन्युफैक्चरर्स एसोशिएसन, उत्तराखंडके सहयोग से किया गया है। जिन एमएसएमई ने परियोजना गतिविधियों में भाग लिया और अपनी इकाइयों में ऊर्जा दक्षता उपायों को लागू करने से लाभान्वित हुए, उन्हें कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया।

