जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने रूपान्तरण कार्यक्रम की समीक्षा की

अल्मोड़ा।देवभूमिखबर।। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से जनपद में चलाये जा रहे रूपान्तरण कार्यक्रम की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि इस कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रत्येक विकासखण्ड से तीन-तीन विद्यालयों के प्रस्ताव प्रेषित कर दें ताकि उनको रूपान्तरण कार्यक्रम में लिया जा सके। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए धन की कमी आड़े नहीं आयेगी इसके लिए सी0एस0आर0 फण्ड के अलावा जिला स्तर पर भी धन की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि खण्ड शिक्षाधिकारी के साथ समन्वय बनाकर मुख्य शिक्षाधिकारी के माध्यम से यथाशीघ्र आगणन प्रेषित कर दें ताकि माॅग के अनुसार धनराशि आंवटित की जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि जहा पर नये भवन बनाये जा रहे है वहा पर कार्यदायी संस्था के साथ समन्वय स्थापित कर विद्यालय में रूपान्तरण के अनुरूप पेटिंग का कार्य करवायें।
जिलाधिकारी ने इस दौरान समस्त खण्ड शिक्षाधिकारियों से अभी तक की प्रगति के बारे में जानकारी ली और निर्देश दिये कि इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के हर सम्भव प्रयास किये जाय ताकि सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ायी जा सके। जिलाधिकारी ने बताया कि अभी तक 35 विद्यालयों को रूपान्तरण कार्यक्रम के अन्तर्गत उनमें कार्य पूर्ण करा लिए गये हंै और 100 विद्यालयों को रूपान्तरित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि समय-समय पर विद्यालयों का औचक निरीक्षण करें। उन्होंने निर्देश दिये कि आर0टी0ई0 के अनुसार विद्यालयों में छात्रों को प्रवेश दिया जा रहा है अथवा नहीं इसका भी निरीक्षण किया जाय। इसके अलावा विद्यालयों में एन0सी0आर0टी0 की किताबो का प्रयोग व छात्र-छात्राओं के स्कूल बस्तों का भार मा0 उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशानुसार किया जा रहा है अथवा नहीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मनुज गोयल, उपजिलाधिकारी मोनिका, मुख्य शिक्षाधिकारी जगमोहन सोनी, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक एच0बी0 चन्द, बेसिक रायसाहब यादव, समन्वयक विनोद राठौर, विद्या कर्नाटक, आपदा प्रबन्धन अधिकारी राकेश जोशी के अलावा समस्त उप शिक्षाधिकारी व अन्य अधिकारी उपस्थित थे
