खड़गे के अपमान पर भाजपा की चुप्पी और महेंद्र भट्ट का बचाव दलित विरोधी मानसिकता का प्रमाण: गणेश गोदियाल
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की 8 अगस्त को हुई जनसभा के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
गोदियाल ने कहा कि यह केवल राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि संविधान, सामाजिक समानता और दलित समाज के सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उसके कार्यक्रम के बाद उसी मंच का ‘शुद्धिकरण’ करना और उसे उचित ठहराना बेहद आपत्तिजनक है।
उन्होंने कहा कि खड़गे ने स्वयं राज्यसभा में इस घटना को अपने अपमान और छुआछूत की पीड़ा से जोड़ा था। उस समय सदन के नेता एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता जे.पी. नड्डा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए भाजपा का इससे कोई संबंध नहीं होने की बात कही थी और जांच व कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
गोदियाल ने सवाल उठाया कि नड्डा के आश्वासन के बाद जांच कहां तक पहुंची और अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा का इस घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है तो प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को कथित ‘शुद्धिकरण’ का बचाव करने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मीडिया में प्रकाशित बयानों के अनुसार महेंद्र भट्ट ने रामलीला मैदान के ‘दूषित’ होने और उसके ‘शुद्धिकरण’ को उचित ठहराया है। उन्होंने कहा कि यदि यह केवल सफाई अभियान था तो इसे ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ क्यों कहा गया और यदि भाजपा का इससे कोई संबंध नहीं है तो प्रदेश अध्यक्ष इसके बचाव में क्यों उतर रहे हैं।
गोदियाल ने कहा कि संविधान छुआछूत को समाप्त करता है तथा प्रत्येक नागरिक को समानता और सम्मान का अधिकार देता है। ऐसे में किसी दलित नेता के कार्यक्रम के बाद ‘शुद्धिकरण’ जैसी कार्रवाई को सामान्य धार्मिक अथवा सफाई गतिविधि बताकर उसका बचाव करना संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाकर न केवल खड़गे के सम्मान की बात की, बल्कि करोड़ों दलितों, वंचितों और संविधान में विश्वास रखने वाले नागरिकों की आवाज को मजबूती दी है। राहुल गांधी ने घटना को छुआछूत से जोड़ते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर की मांग की है।
गोदियाल ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के सम्मान तक सीमित नहीं है, बल्कि समानता और भेदभाव की मानसिकता के बीच की लड़ाई है। उन्होंने भाजपा नेतृत्व से स्पष्ट करने को कहा कि वह जे.पी. नड्डा के जांच के आश्वासन के साथ खड़ा है या महेंद्र भट्ट के कथित ‘शुद्धिकरण’ के बचाव वाले बयान के साथ।
उन्होंने उत्तराखंड सरकार से शुद्धिकरण यज्ञ करने वालों की पहचान कर कार्रवाई, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच और संबंधित व्यक्तियों के भाजपा व संघ से कथित संबंधों की जांच की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि जांच में जातिगत अपमान, छुआछूत या अनुसूचित जाति के व्यक्ति को अपमानित करने के तथ्य सामने आने पर SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम सहित लागू कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और देवभूमि की पहचान किसी इंसान को जाति के आधार पर अपवित्र मानने से नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान देने से होती है। उन्होंने कहा कि यज्ञ, पूजा और धर्म किसी इंसान के अपमान का माध्यम नहीं हो सकते। उन्होंने भाजपा नेतृत्व और राज्य सरकार से बयानबाजी के बजाय ठोस कार्रवाई करने की मांग की।
