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वर्ष 2017-18 में बन्द हुए 600 राजकीय विद्यालय

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विकासनगर।मोर्चा कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए जनसंघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जी0एम0वी0एन0 के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में शिक्षा के गिरते स्तर एवं कुप्रबन्धन के कारण वर्ष 2017-18 में 452 प्राथमिक एवं 148 उच्च प्राथमिक विद्यालय बन्द हो गये। वर्ष 2018-19 की अगर बात करें तो सैकड़ों विद्यालय बन्द हो गये तथा सैकड़ों विद्यालय बन्दी की कगार पर हैं।
नेगी ने कहा कि आखिर क्या वजह है कि प्रदेश में तेजी के साथ विद्यालय बन्द हो रहे है, तथा कई बन्दी के कगार पर हैं !
र्मोचा ने हैरानी जतायी कि ये आंकड़ा तो उन विद्यालयों का है जिनमें 10 या 10 से कम छात्र संख्या है, अगर इस आंकड़े को बढ़ाकर 20 या 20 से कम छात्रों वाले विद्यालय पर लागू किया जाए तो हजारों विद्यालय एक साथ बन्द हो जायेंगे।
नेगी ने कहा कि प्रदेश के मुखिया व विभागीय मन्त्री को इसका संज्ञान लेना चाहिए कि गरीबों के लिए स्थापित सरकारी विद्यालयों से क्यों जनता का मोह भंग हो रहा है तथा क्यों जनता गुणवत्तायुक्त शिक्षा न मिल पाने के कारण इन विद्यालयों से विमुख होकर पलायन कर रही है !
मोर्चा ने व्यंग्य कसते हुए कहा कि प्रदेश के मुखिया/मन्त्री सरकार चला रहे हैं या रेता बजरी की दुकान। मोर्चा ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि अध्यापकों की ड्रेस व अन्य नौटंकियाॅं छोड़कर शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दें।
मोर्चा ने सरकार से इस मामले में श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। इस अवसर पर मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, विजयराम शर्मा, दिलबाग सिंह, विनोद गोस्वामी आदि थे।

(रघुनाथ सिंह नेगी)

देवभूमि खबर

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