मान्यता प्रदत्त गो सदनों में शरणांगत अनुत्पादक अलाभकर गोवंश हेतु उत्तर प्रदेश की भांति रु 30 प्रति गोवंश प्रतिदिन की दर से भरण पोषण अनुदान
देहरादून ।पशुपालन मंत्री, उत्तराखण्ड सरकार की अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2022-23 में राजकीय अनुदान चयन समिति की दूसरी बैठक में राजकीय अनुदान चयन समिति की प्रथम बैठक में सभी मान्यता प्रदत्त एवं अर्ह गोसदनों को उत्तरप्रदेश राज्य की भांति रु० 27.56 प्रति गोवंश प्रतिदिन की दर से राजकीय अनुदान निर्गत निर्णय लिया गया।
राज्य के मान्यता प्रदत्त एवं अर्ह गोसदनों को राजकीय अनुदान स्वीकृत किये जाने हेतु दिनांक 10 जून, 2022 को पशुपालन मंत्री की अध्यक्षता में राजकीय अनुदान चयन समिति की प्रथम बैठक आहूत की गई थी। बैठक में निर्णय लिया गया था कि, कुल उपलब्ध बजट प्राविधान रु० 83.33 लाख (रु० 02.44 प्रति गोवंश प्रतिदिन की दर से राजकीय अनुदान) को गोवंश भरण-पोषण मद में सदुपयोग किये जाने हेतु सभी मान्यता प्रदत्त एवं अर्ह गोसदनों में गत वित्तीय वर्ष में शरणागत गोवंश की औसत संख्या के सापेक्ष समानुपातिक आधार पर आबंटित कर दिया जाय। इस क्रम में उत्तराखण्ड पशुकल्याण बोर्ड द्वारा प्रेषित प्रकरण शासन स्तर पर प्रक्रियाधीन है।
इस वर्ष पड़ोसी राज्यों द्वारा भूसे के परिवहन पर आंशिक रोक लगाये जाने के कारण भूसे के बाजार भाव में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है जिस कारण सभी मान्यता प्रदत्त एवं अर्ह गोसदन कठिन वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उत्तराखण्ड सरकार द्वारा‘गोसदनों हेतु राजकीय सहायता मद’ में अतिरिक्त रुप से रु० 1416.67 लाख का अतिरिक्त बजट प्राविधान करते हुए चालू वित्तीय वर्ष हेतु ‘गोसदनों हेतु राजकीय सहायता मद’ में कुल रु० 1500.00 लाख का बजट प्राविधान किया गया है। भूसे के बाजार भाव में अभूतपूर्व वृद्धि का संज्ञान लेते हुए आज पशुपालन मंत्री, उत्तराखण्ड सरकार की अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2022-23 में राजकीय अनुदान चयन समिति की दूसरी बैठक में,उत्तराखण्ड शासन द्वारा स्वीकृत अतिरिक्त बजट प्राविधान रु० 1416.67 लाख का यथाशीघ्र सदुपयोग सुनिश्चित किये जाने हेतु निर्णय लिया गया कि 10 जून, 2022 को आहूत राजकीय अनुदान चयन समिति की प्रथम बैठक में सभी मान्यता प्रदत्त एवं अर्ह गोसदनों को उत्तरप्रदेश राज्य की भांति रु० 27.56 प्रति गोवंश प्रतिदिन की दर से राजकीय अनुदान निर्गत किया जाय।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में नवीन मान्यता के प्रकरणों वाले गोसदनों को मान्यता के समय शरणागत गोवंश के सापेक्ष मान्यता अनुदान निर्गत किया जाय।उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) के माध्यम से प्राप्त गोसदनों को गोबर गैस ऊर्जा उत्पादन संयंत्रों तथा सोलर लाइट के संयोजन हेतु अनुदान निर्गत किया जाय।
गोसदनों द्वारा गोशाला निर्माण/क्षमता विस्तार, भूसा स्टोर निर्माण/क्षमता विस्तार तथा अन्य निर्माण मदों में प्राप्त आंगणनों के वित्त विभाग (टी.ए.सी.) परीक्षण उपरान्त स्वीकृत दरों के सापेक्ष 60% अनुदान निर्गत किया जाय।ग्राम्य गोसेवकों के माध्यम से निराश्रित गोवंश को शरण दिये जाने हेतु पायलेट प्रोजेक्ट संचालित किये जाने, उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड तथा उत्तराखण्ड गोसेवा आयोग में सेवारत पशुचिकित्साविदों द्वारा गोसदनों का स्थलीय पुनर्निरीक्षण किये जाने, 200 से अधिक अलाभकर गोवंश को शरण देने वाले गोसदनों को दक्षता सुधार गतिविधियों/ उपकरण/ यंत्र/ औजार/ सामग्री इत्यादि का उपार्जन किये जाने की दशा में देयकों के सापेक्ष अधिकतम 90%अनुदान निर्गत किये जाने हेतु एवं अन्य गोकल्याण गतिविधियों के संचालन हेतु उत्तराखण्ड गोवंश संरक्षण निधि में रु० 300 लाख योगदान किया जाय।
बैठक में पं राजेन्द्र अणथ्वाल, अध्यक्ष, उत्तराखण्ड गोसेवा आयोग, डा. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, आई.ए.एस., सचिव पशुपालन, उत्तराखण्ड शासन, डा. अशोक कुमार, अपर निदेशक पशुपालन विभाग उत्तराखण्ड, डा. आशुतोष जोशी (संयुक्त निदेशक/प्रभारी अधिकारी, उत्तराखण्ड पशुकल्याण बोर्ड), डा.दिनेश सेमवाल (पशुचिकित्सा अधिकारी ग्रेड-1,उत्तराखण्ड गोसेवा आयोग), डा.उर्वशी (पशुचिकित्सा अधिकारी ग्रेड-1 उत्तराखण्ड पशुकल्याण बोर्ड) एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

