मोटर मार्गो के निर्माण से कृषकों की कटी भूमि का मुआवजा वितरित करने के आदेश
बागेश्वर ।देवभूमि खबर। जिलाधिकारी ने आज यहां कलेक्ट्रेट सभागार में जिला योजना केन्द्रपोशित, राज्य सैक्टर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक लेते हुए अधिकारियों को कडे निर्देश दिये। जिन विभागों को जिला येाजना के अन्तर्गत धनराशि अवमुक्त हो चुकी है लेकिन उन विभागों द्वारा अभी तक धनराशि व्यय नही की गई है उनको जिलाधिकारी रंजना ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अवमुक्त धनराशि को समय से व्यय करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने आज यहां कलेक्ट्रेट सभागार में जिला योजना केन्द्रपोषित, राज्य सैक्टर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक लेते हुए अधिकारियों को कडे निर्देश दिये । उन्होंने कहा कि जिन विभागों को अभी तक धनराशि का आवंटन नहीं हुआ है ऐसे विभाग धनावंटन का प्रयास करें। जिलाधिकारी ने विभागवार समीक्षा करते हुए लोकनिर्माण विभाग एवं पीएमजीएसवाई विभाग को मोटर मार्गो के निर्माण से कृषकों की कटी भूमि का मुआवजा तत्काल वितरित करने के निर्देश दिये। उन्होंने सम्बन्धित विभागों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिन मोटर मार्गो के निर्माण कार्यो का कार्य अपूर्ण है उसे समय से पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने पीएमजी एमवाई कपकोट को रिखाडी बाछम मोटर मार्ग की धीमी प्रगति पर कडी फटकार लगाते हुए कार्यो की गति में तेजी लाने के निर्देश दिये साथ ही कार्यो की गुणवत्ता में सुधार लाने के सख्त निर्देश दिये। उन्होंने सड़क निर्माण के कारण सरकारी परिसम्मति को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सम्बन्धित विभाग को तत्काल पुर्ननिर्माण के निर्देश दिये। उरेडा एवं विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने बाछम सोराग विद्युत लाईन के हस्तान्तरण का मामला तत्काल सुलझाने के निर्देश दिये। कहा कि दोनों विभाग संयुक्त भ्रमण कर परिसम्मति के हस्तान्तरण की कार्यवाही सुनिश्चित करें इसमें किसी प्रकार की हिलाहवाली कतई बदर्राश्त नहीं होगी। उन्होंने शिक्षा विभाग केे विद्यालय भवन निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वंय भी विभाग को निर्माण कार्यो की मानीटरिंग करनी चाहिए कार्यदायी संस्था के भरोसे न छोडें। दुग्ध विकास विभाग को जनपद में दुग्ध उतपादन को बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक समूहों का गठन करने के निर्देश दिये। मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान मत्स्य पालन से लाोगों को जोड़ने की बात कही। उन्होंने जलनिगम एवं जलसंस्थान के अधिकारियों को जनपद की पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाये रखने हेतु पुरानी पेयजल लाईनों की मरम्मत के लिए कार्ययोजना तैयार करें ताकि जलापूर्ति बाधित न होने पाये। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को मातृशिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए जच्चा बच्चा के स्वास्थ्य परीक्षण पर विशेश फोकस करने के निर्देश दिये। बैठक में अपरजिलाधिकारी राहुल गोयल, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 शैलजा भट्ट, जिला विकास अधिकारी केएन तिवारी, उपजिलाधिकारी बागेश्वर श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी कपकोट रविन्द्र सिंह बिष्ट, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी देवेन्द्र नाथ गोस्वामी, जिला पंचायतराज अधिकारी पूनम पाठक, जिला पूर्ति अधिकारी जसवन्त सिंह कण्डारी, अधि अभिलोनिवि बागेश्वर आरके पुनेठा, जिला समाज कल्याण अधिकारी एनएस गस्याल, मुख्य कृषि अधिकारी वीपी मौर्या, जिला उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह, अधिअभि भाष्करानन्द पाण्डे, महाप्रबन्धक उद्योग वीसी पाठक, आदि विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

