भाजपा के नेता राम के चरित्र से सीखें व्यवहार :भावना पांडे

भाजपा के नेता राम के चरित्र से सीखें व्यवहार :भावना पांडे
Spread the love

देहरादून। राज्य आंदोलनकारी भावना पांडे ने कहा है कि उत्तराखंड से जल्द ही राजनीतिक प्रदूषण समाप्त करने के लिए एक अभियान की शुरूआत होगी। यह मुहिम नेताओं का मेंटल पाॅल्यूशन दूर करने के लिए चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज नेता हमारे समाज में सबसे अधिक मेंटल पाॅल्यूशन फैला रहे हैं। उनकी अभद्र भाषा और दुव्र्यवहार से समाज में विकृति आ रही है। आज नेताओं को नैतिकता का सबक सिखाने की जरूरत है। नेताओं को भगवान राम से मर्यादा सीखने की जरूरत है।

राज्यआंदोलनकारी भावना पांडे ने कहा कि आज लोग बेरोजगारी, नोटबंदी, आर्थिक मंदी और कोरोना महामारी से परेशान हैं। ऐसे समय में जनता को स्वस्थ और सकारात्मक सोच की जरूरत है। लेकिन जब भी हम न्यूज चैनल को देखते हैं तो हर जगह एक पार्टी का नेता दूसरे पार्टी को गाली देता सुनाई देता है। एक-दूसरे को नीचा दिखाने की होड़ लगी रहती है। डिबेट में भी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की झड़ी लगी रहती है। न्यूज चैनल डिबेट में विकास की बातें नहंी हो रही हैं। न तो रोजगार की बात होती है, न महिलाओं के अधिकारों की, न विकास की बात और न ही कोई सकारात्मक बात होती है। जनता का टीवी न्यूज चैनल से मोहभंग हो रहा है क्योंकि यहां पालिटिकल मेंटल पाल्यूशन फैलाया जा रहा है। इस तरह की पालिटिकल मेंटल पाल्यूशन से समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों में डिप्रेशन की भावना घर कर रही है। इससे समाज में विकृति आ रही है।
सोशल एक्टिविस्ट भावना पांडे के अनुसार 1970 में चमोली के सुदूर गांव रैंणी गांव में गौरा देवी ने पेड़ों को बचाने की मुहिम चलाई थी। गौरादेवी देश भर में पर्यावरण संरक्षण की एक मिसाल बन गयी। गौरा देवी ने अपने गांव के 2400 पेड़ कटान से बचाने के लिए चिपको आंदोलन चलाया। गांव की 27 महिलाओं ने वन ठेकेदार को पेड़ नहीं कटने दिये। गौरा देवी और गांव की अन्य महिलाएं पेड़ों से चिपक गयी और ठेकेदार को वहां से भागना पड़ा। अनजाने में ही पर्यावरण बचाने की यह मुहिम इतिहास बन गयी। पर्यावरण को बचाने और प्रदूषण को दूर करने के लिए वनों का आज भी महत्व है। यदि पेड़ होंगे तो पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा और प्रदूषण भी नहंी होगा।

राज्य आंदोलनकारी भावना पांडे के अनुसार पर्यावरण बचाने की यह मुहिम 50 साल पुरानी है। इसी तरह की एक नई मुहिम की जरूरत राजनीतिक प्रदूषण को हटाने के लिए शुरू की जाएगी। महिलाएं और युवा इस मुहिम का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने कहा कि नेता सार्वजनिक मंचों से एक-दूसरे के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। अमर्यादित व्यवहार कर रहे हैं। भावना पांडे ने भाजपाइओं को सलाह दी है कि वो राम के चरित्र को समझे। उन्होंने कहा कि भाजपा हिन्दुओं की पार्टी है और उन्हें कम से कम एक महीने तक रामायण देखनी चाहिए कि राम का व्यवहार कैसा था और वो कितने मर्यादित थे। आज भाजपा के लोग राम के चरित्र के विपरीत व्यवहार करते हैं। समाज में मानसिक प्रदूषण और नफरत फैलाने में नेताओं की अहम भूमिका है।
राज्य आंदोलनकारी भावना पांडे ने कहा कि हम पालीटिकल पाल्यूशन को समाप्त करने के लिए मुहिम चलाएंगे। यह मुहिम उत्तराखंड से शुरू होगी और देश भर में मुहिम का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पहले चिपको आंदोलन चला था और अब खिसको आंदोलन चलेगा। यह आदोलन अभद्र और अमर्यादित व्यवहार करने वाले नेताओं के खिलाफ चलाया जाएगा। उन्होंने नेताओं से संयम और मर्यादित व्यवहार करने की अपील की है ताकि समाज में विकृति न फैले। भावना पांडे ने न्यूज चैनलों से अपील की है कि वो कम से कम नेगेटिव न्यूज दिखाएं और सकारात्मक और तथ्यात्मक समाचारों और बहस को ही प्राथमिकता दें। न्यूज चैनलों को पालिटिकल मेंटल पाल्यूशन का मंच न बनने दें।

देवभूमि खबर

Related articles